परियोजना के तहत आराजी और विद्यापीठ की सैकड़ों लड़कियों ने पहले भी फुटबॉल का प्रशिक्षण प्राप्त किया है। नांदी परियोजना के तहत विकासखंड आराजी लाइन समेत जिले के कई गांवों में यह पहल की जा रही है। फुटबॉल का प्रशिक्षण प्राप्त कर चुकीं खिलाड़ी रिया, खुशबू, रिचा, अनु, नाव्या, साक्षी और रिया ने बताया कि वे इस खेल में आगे बढ़कर अपना भविष्य बनाना चाहती हैं। उनका सपना राष्ट्रीय स्तर पर बनारस का नाम रोशन करना है।
खेल के प्रति बढ़ रही रुचि, जुड़ रहीं लड़कियां
प्रशिक्षक सुनीता मोरिया ने बताया कि अब लड़कियों में खेल के प्रति रुचि देखने को मिल रही है। आराजी लाइन और काशी विद्यापीठ क्षेत्र में सैकड़ों बालिकाओं को फुटबॉल का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। खेल प्रशिक्षक अमृता, पूनम पटेल, बेबी कुशवाहा, उजाला और प्रिया सिंह का कहना है कि पहले जहां लड़कियां फुटबॉल से दूर रहती थीं, अब बड़ी संख्या में वे मैदान में उतरकर बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं।