अस्पतालों में क्लीनिकल ट्रेनिंग भी होगी
क्लास और प्रैक्टिकल के साथ ही क्लीनिकल ट्रेनिंग और अस्पताल आधारित फील्ड वर्क भी कराया जाएगा। सैद्धांतिक और व्यावहारिक शिक्षा को एक साथ लेकर चला जाएगा। शैक्षणिक के साथ ही क्लीनिकल और व्यावसायिक क्षेत्रों में भी जोड़ा जाएगा। स्वास्थ्य और मानसिक स्वास्थ्य सेवा के लिए प्रोफेशनल लोगों को तैयार किया जाएगा। ये सामान्य इलाज, विशेषज्ञता, गहन चिकित्सा, पुनर्वास आदि पर पेशेवर तरीके से काम करेंगे।
मानसिक स्वास्थ्य संस्थान और सामुदायिक मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं में बेहतर कर्मचारी और विशेषज्ञ तैनात किए जाएंगे। आश्रय गृह, विकलांग और वृद्धावस्था देखभाल के साथ ही स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय, अनुसंधान संस्थानों में इन्हें नौकरी मिल सकती है। इसके अलावा सुधार और फोरेंसिक संस्थान के साथ ही जेल, न्यायालय, किशोर न्याय, फोरेंसिक अस्पताल में भी बेहतर विकल्प होगा। सरकारी और गैर-सरकारी संगठन, एनजीओ, सिविल सोसाइटी आदि से जुड़कर भी काम किया जा सकता है।