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सदाबहार फिल्मी गीतों पर झूमे लोग

Sat, 06 May 2017 02:10 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
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नागरी नाटक मंडली में आयोजित महोत्सव में नृत्य प्रस्तुत करतीं रागश्री।
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पुराने यादगार फिल्मी नगमों से शुक्रवार की शाम गूंज उठी। सत्तर और अस्सी के दशक की यादों को सुरों के जरिए युवा कलाकारों ने ताजा कर दिया। दर्शक दीर्घा से तालियों की गड़गड़ाहट गूंजती रही। यूनेस्को के क्रिएटिव सिटीज नेटवर्क, नगर निगम एवं सामाजिक संस्था पहल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित सुरगंगा संगीत महोत्सव की18 वीं निशा ऐसी ही यादों पर आधारित थी।
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नागरी नाटक मंडली के प्रेक्षागृह में सबसे पहले पीयूष मिश्रा ने गीतों से शुरुआत की। बोल थे- ये नयन डारे... जाने वो कैसे... के बाद श्वेता ठाकुर ने गीत पेश किया-ना तुम हमें जानो...। स्मृति शुक्ला ने नैना बरसे रिमझिम - रिमझिम ... के बोल पर सुर लगाए तो सुमित मजूमदार ने -यारी है इमान मेरा यार मेरी जिंदगी... सुनाकर दिल जीता। मिली पांडेय ने -अजीब दास्तां है ये... प्रस्तुत किया। राहुल त्रिपाठी, अंजली गुप्ता,प्रिया लक्ष्मी, मृत्युंजय सिंह, स्मृति गुप्ता, भानु नारायण, ज्योति राय, एकांश मेहता, कमलेश सोलंकी, निहारिका, सौरभ मिश्रा, कीर्ति, अनन्या, मुकुंद गुप्ता,विवेक कुंवर,वंदना कुमारी, सुकेशी, ने सदाबहार गीतों की सुमधुर प्रस्तुतियों से सबका मन मोह लिया। रागश्री पराशर और आराधना ने नृत्य पेश कर खूब तालियां बटोरीं। संचालन जगदीश्वरी चौबे, ओजस्वी शर्मा, अपूर्वा श्रीवास्तव, उत्कर्ष एवं नेहा ने किया।
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