ट्रेन संचालन में बाधा बन रहा कोहरा।
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कोहरे के चलते पिछले एक महीने में 65 से अधिक उड़ानें रद्द और 60 से अधिक ट्रेनें लेटलतीफी का शिकार हुई हैं। अब तक ट्रेनों की चाल सुधर नहीं पा रही है। ट्रेनें निर्धारित समय से एक से पांच घंटे तक की देरी से स्टेशन पहुंच रही हैं। ट्रेनों के निरस्तीकरण और लेटलतीफी से लगभग पांच हजार यात्रियों ने यात्राएं रद्द कर दीं। इसमें ई-टिकट वाले यात्रियों की सबसे अधिक संख्या है।
उत्तर रेल के अधिकारियों के अनुसार विभिन्न रेल खंडों पर निर्माण कार्य और ब्लॉक के चलते ट्रेनें प्रभावित हुई हैं। डायवर्ट होकर चलने के कारण तय समय पर स्टेशन नहीं पहुंच पा रही हैं। शुरुआत में कोहरे के चलते भी ट्रेनें प्रभावित हुईं।
नई दिल्ली-हावड़ा रूट पर सबसे अधिक दिक्कत
लंबी दूरी की ट्रेनें तय समय पर पहुंचने के लिए जूझ रही हैं। बिहार-झारखंड होकर कोलकाता जाने वाली ट्रेनें आए दिन लेट हो रही हैं। दिल्ली, पंजाब, अहमदाबाद, गुजरात, सूरत, मुंबई से लौटने वाली ट्रेनें एक से पांच घंटे की देरी से कैंट स्टेशन पहुंच रही हैं।
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छह से अधिक विमान डायवर्ट
लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर कोलकाता, चेन्नई, दिल्ली, मुंबई के विमान निरस्त रहे। 30 नवंबर को 12, एक दिसंबर को 16, दो दिसंबर को 18, तीन दिसंबर को 12 और चार दिसंबर को छह, पांच दिसंबर को एक विमान निरस्त रहे। जबकि छह से अधिक विमान डायवर्ट होकर दूसरे एयरपोर्ट पर पहुंच गए थे। एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार ऑपरेशनल कारणों के चलते विमान निरस्त हो गए।
क्या कहते हैं अधिकारी
पूर्वोत्तर रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि विभिन्न रेल खंडों में निर्माण कार्य के चलते कुछ ट्रेनें डायवर्ट हैं। इसक कारण भी ट्रेनें लेटलतीफी का शिकार हुई थीं। हालांकि यह दिक्कत अब नहीं है।