14 गांव प्रभावित, 35 नावें लगाईं
जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने बताया कि राहत शिविरों में रह रहे लोगों के लिए तीन समय भोजन और नाश्ते की व्यवस्था की गई है। सुरक्षा के लिए शिविरों में 24 घंटे सुरक्षाकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। बच्चों के लिए दूध और फल भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। 14 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आवागमन और राहत कार्य के लिए 35 नावें लगाई गई हैं। सभी नावों पर एक-एक पुलिसकर्मी की ड्यूटी टॉर्च के साथ लगाने की व्यवस्था की जा रही है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि 16 बाढ़ राहत चौकियों पर चिकित्सा टीमें तैनात हैं।
राहत शिविर पहुंचकर बांटे खाद्यान्न किट
बैठक के बाद मंत्री रविंद्र जायसवाल ने जेपी मेहता राहत शिविर का निरीक्षण किया। उन्होंने बाढ़ प्रभावित परिवारों को खाद्यान्न किट वितरित किए और लोगों से उनका हालचाल पूछा। मंत्री ने प्रभावित परिवारों को भरोसा दिलाया कि उन्हें किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी और हरसंभव सहयोग दिया जाएगा। उन्होंने बच्चों को चॉकलेट भी बांटी।