वाराणसी। वरुणा के तटवर्ती इलाकों में बाढ़ के दौरान सीवर के बैकफ्लो को रोकने के लिए फ्लड पिलर बनाए जाएंगे। वहीं, बारिश के साथ बहकर आ रहे कचरे से जाम हो रहे गली पिट की सफाई में लापरवाही पर सहायक अभियंता और अवर अभियंताओं की जवाबदेही तय होगी। जलभराव की शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए 24 घंटे सक्रिय रहने वाला अलग कंट्रोल रूम भी बनाया जाएगा।
सिगरा स्थित स्मार्ट सिटी सभागार में बुधवार को हुई समीक्षा बैठक में मेयर अशोक कुमार तिवारी ने स्वास्थ्य, सामान्य और जलकल विभाग को समन्वय से गली पिट की नियमित सफाई कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां आवश्यकता हो, वहां नए गली पिट बनाए जाएं। सभी जोनल अधिकारियों को क्षेत्र में भ्रमण कर जलभराव की स्थिति पर नजर रखने को कहा। मुख्य अभियंता सुरेश चंद्र ने बताया कि निचले इलाकों से पानी निकालने के लिए 85 पंप लगाए गए हैं। मेयर ने पंपों के संचालन की प्रतिदिन निगरानी करने के निर्देश दिए। जलभराव वाले क्षेत्रों में मच्छरों की रोकथाम के लिए एंटी लार्वा का छिड़काव कराने को भी कहा।
बीएचयू-लंका में तेलियाबाग की तर्ज पर समाधान
नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया कि बीएचयू अस्पताल में हाल में हुए जलभराव को लेकर नगर निगम और बीएचयू प्रशासन ने मिलकर स्टॉर्म वाटर योजना तैयार की है। सीएंडडीएस से प्रस्तावित नाले की ड्राइंग-डिजाइन मांगी गई है। मेयर ने ने बीएचयू और लंका क्षेत्र में तेलियाबाग मार्ग की तर्ज पर जलभराव का स्थायी समाधान तलाशने के निर्देश दिए। बैठक के बाद उन्होंने त्रिनेत्र भवन में लगे सीसीटीवी कैमरों की लाइव फीड से शहर के जलभराव की स्थिति देखी। इस दौरान ज्यादातर मुख्य मार्गों पर जलभराव नहीं मिला।