Varanasi News: पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उनमें से तीन सामान्य ग्राहकों की तरह बैंकों में जाते थे। ज्यादा रकम निकालने वाले बुजुर्गों और ग्रामीण पृष्ठभूमि के ग्राहकों पर उनकी नजर रहती थी। इसके बाद नोट बदलने का झांसा देकर या नोट कटे-फटे होने की बात कहकर वह ग्राहक को अपनी बातों में उलझा लेते थे। पैसा हाथ लगते ही बाहर बाइक लेकर खड़े दो साथियों के साथ वह भाग जाते थे।
बैंकों में ग्राहकों को झांसा देकर रुपये लेकर भागने वाले बिहार के अंतरराज्यीय गिरोह के पांच उचक्कों को सारनाथ थाने की पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान बिहार के पटना जिले के बिहटा गोरया स्थाना के जितेंद्र कुमार, हरेंद्र तिवारी, रंजन मिश्रा व राजेश्वर तिवारी और बख्तियारपुर के रवि मिश्रा के रूप में हुई है। पांचों के पास से एक लाख 20 हजार रुपये, दो बाइक और तीन मोबाइल बरामद हुआ है।
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एडीसीपी वरुणा जोन सरवणन टी. ने बताया कि सारनाथ और चौबेपुर क्षेत्र में बैंक में उचक्कागिरी हुई थी। सारनाथ थानाध्यक्ष उदय प्रताप सिंह और एसओजी प्रभारी मनीष कुमार मिश्र के नेतृत्व में टीम गठित की गई थी। सीसी कैमरों की फुटेज और सर्विलांस की मदद से आरोपियों को चिह्नित कर फरीदपुर के पास से गिरफ्तार किया गया है। आरोपी जितेंद्र पर वाराणसी, मऊ, मिर्जापुर, बलिया, गाजीपुर और आजमगढ़ में 11 मुकदमे दर्ज हैं। रवि पर छह और रंजन पर चार केस हैं।