वाराणसी। काशी में भगवान धन्वंतरि का प्रसाद पाने के लिए महाराष्ट्र, राजस्थान, गुजरात समेत 12 राज्यों से श्रद्धालु आएंगे। सुड़िया स्थित धन्वंतरि भवन में धनत्रयोदशी (धनतेरस) पर शुक्रवार को भगवान धन्वंतरि का विधि-विधान से विशेष पूजन-अर्चन और शृंगार किया जाएगा। इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसके कपाट वर्ष भर में केवल एक दिन, धनतेरस की तिथि पर ही आम श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोले जाते हैं।
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वैद्य समीर कुमार शास्त्री ने बताया कि इस बार आयोजन का 326वां वर्ष है। उनकी 10वीं पीढ़ी भगवान धन्वंतरि की सेवा कर रही है। इस बार वर्तमान समय में फैल रही गंभीर बीमारियों जैसे कोरोना, कैंसर, पैरालिसिस और किडनी से संबंधित बीमारियों को फैलने से रोकने के लिए कई औषधियों को मिलाकर एक औषधि बनाई गई है। 325 वर्ष पुरानी परंपरा के अनुसार, भवन में स्थापित भगवान धन्वंतरि की लगभग ढाई फीट ऊंची दुर्लभ अष्टधातु व रत्नजड़ित प्रतिमा का भव्य शृंगार किया जाता है। संवाद