वाराणसी। इंटरमीडिएट पास युवाओं को भी अब रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। बीएचयू के कृषि विज्ञान संस्थान नए सत्र से रोजगारपरक पांच नए डिप्लोमा एवं सर्टिफिकेट कोर्स शुरू करेगा। इन पाठ्यक्रमों में अध्ययन के बाद युवाओं को आसानी से रोजगार मिल सकेगा। ये कोर्स छह महीने से एक साल के होंगे। प्रत्येक कोर्स में 30-30 सीटें हाेंगी। संस्थान इसकी तैयारी में अभी से जुट गया है।
कृषि विज्ञान संस्थान ने सीमित अवधि के कोर्स के जरिये युवाओं को स्वावलंबी बनाने के उद्देश्य से पांच नए पाठ्यक्रम शुरू करने जा रहा है। इनमें दाखिले के लिए न्यूनतम शैक्षिक योग्यता 12वीं पास होगी। ऐसे युवाओं के लिए ये कोर्स बेहद मददगार साबित होंगे, जो इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई के
बाद किन्हीं वजहों से उच्च शिक्षा ग्रहण करने में असमर्थ हैं। ये कोर्स हैं वेटेनरी कंपाउंडरशिप (डिप्लोमा), वेजिटेबल एंड सीड प्रोसेसिंग टेक्नालाजी, मिल्क एंड फ्रूट प्रोसेसिंग टेक्नालाजी, गोट फार्मिंग टेक्नालाजी और पोल्ट्री फार्मिंग टेक्नालाजी (सर्टिफिकेट)।
कृषि विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. आरपी सिंह ने बताया कि इन पाठ्यक्रमों पढ़ाई के बाद कृषि, पशुधन एवं पशुपालन आदि के क्षेत्र में विद्यार्थी कॅरियर बना सकते हैं। सरकारी और गैर सरकारी दोनों क्षेत्रों में नौकरी के रास्ते खुलेंगे। साथ ही अपना व्यवसाय भी शुरू कर सकेंगे। प्रत्येक कोर्स
में कम से कम 30 सीटें होंगी। हालांकि यह संख्या घट-बढ़ सकती है। प्रत्येक कोर्स के लिए पांच से 10 हजार रुपये तक शुल्क रखा जाएगा। मेरिट से दाखिला होगा या प्रवेश परीक्षा से, इस बारे में अभी निर्णय नहीं हुआ। इनमें से कुछ कोर्स छह महीने तो कुछ एक साल के होंगे। इन पाठ्यक्रमों में दाखिला जुलाई में होगा।