बीएचयू अस्पताल के एमएस डॉ. कैलाश कुमार गुप्ता ने नर्सिंग अफसर की मौत के मामले में दूसरे दिन पांच सदस्यीय कमेटी के गठन का आदेश जारी कर दिया। इस आदेश के अनुसार जांच कमेटी तीन दिनो के भीतर सभी पहलुओं की जांच करेगी और इसकी रिपोर्ट देगी।
जो आदेश जारी किया गया है, उसमें भी खेम सिंह सैनी के नाम के आगे कहीं नर्सिंग अफसर नहीं लिखा है, बस इंप्लाई आईडी लिखा है।पांच सदस्यीय जांच कमेटी में मेडिसिन विभाग के प्रो. नीलेश कुमार को चेयरमैन बनाया गया है। इसके साथ ही इमरजेंसी में तैनात सीएमओ डॉ.एसके गौतम, अस्पताल की उपकुलसचिव डॉ. रश्मि रंजन, डिप्टी नर्सिंग सुपरीटेंडेंट भूपेंद्र सिंह सेखावत को सदस्य और अस्पताल में सीनियर असिस्टेंट राजनाथ को सदस्य सचिव बनाया गया है।
आईएमएस बीएचयू के निदेशक प्रो.एसएन संखवार ने नर्सिंग अफसर की मौत और हड़ताल के बारे में कहा कि खेम सिंह सैनी का जाना दुखद हैं। इस मामले में डयूटी लगाने में लापरवाही का आरोप लगाया जाना गलत है। एम्स, एएमयू सहित अन्य चिकित्सा संस्थानों की तरह ही यहां भी डयूटी लगाई जा रही है। नर्सिंग अफसर की मांगों पर बीएचयू के नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। सभी को हड़ताल खत्म कर काम पर लौट आना चाहिए।
रामनगर औद्योगिक एसोसिएशन से जुड़े उद्यमियों ने बीएचयू अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल खड़ा करते हुए इसके लिए अस्पताल के एमएस, डिप्टी एमएस को जिम्मेदार ठहराया है। एसोसिएशन के सचिव अजय राय ने आरोप लगाया कि बीएचयू अस्पताल प्रशासन की लापरवाही की वजह से आए दिन मरीज सुविधा के अभाव में परेशान हो रहे हैं।
कहा महामना मदन मोहन मालवीय जी के आमजनमानस के सेवा के सपने को भी धूमिल किया जा रहा है। कहा कि एसोसिएशन के अध्यक्ष देव भट्टाचार्या के निर्देशन में विनम्र अग्रवाल, सौरभ शाह, पंकज बिजलानी, संजय लखानी सहित अन्य उद्यमियों ने नर्सिंग अफसर की मांगों का समर्थन किया है।