फरीदपुर अंडरपास के पास प्रभात मिला। उसकी सूचना पर होम स्टे के कमरे से वन्यजीवों के अंग बरामद किए गए। पूछताछ में मामला संदिग्ध मिलने पर जांच की गई तो गिरोह की पूरी कहानी सामने आ गई। एसटीएफ के मुताबिक, प्रभात, गिरधारी और संजीव के अलावा गाजीपुर निवासी दीनानाथ यादव और बिहार निवासी दीपक और संतोष भी गिरोह में शामिल हैं।
गिरोह पहले नकली पुराने सिक्के तैयार करता था। इसके बाद ऐसे लोगों को तलाशता था, जिन्हें यह झांसा दिया जा सके कि पुराने सिक्के खरीदने पर उनका पैसा तुरंत दोगुना हो जाएगा। चोलापुर क्षेत्र के मोहनदासपुर निवासी नीरज कुमार मौर्या को भी जाल में फंसाया गया।
नीरज अपने परिचित अभिषेक दूबे से पांच लाख रुपये लेकर गिरोह के सदस्यों के पास पहुंचा। आरोप है कि दीनानाथ और दीपक रुपये लेकर भाग निकला। इसके बाद गिरोह ने पूर्व नियोजित तरीके से एसटीएफ और वन विभाग को सूचना देकर मौके पर छापा डलवा दिया, ताकि नीरज को वन्यजीव तस्करी के मामले में फंसाया जा सके।
मामला संदिग्ध लगने पर टीम ने पूछताछ की तो षड्यंत्र का खुलासा हुआ। प्रभात की निशानदेही पर उसके हिस्से के 1.58 लाख रुपये बरामद किए गए। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है। थाना प्रभारी पंकज त्रिपाठी ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई।