दुनिया के टॉप-500 शैक्षणिक संस्थानों के वैज्ञानिकों को बीएचयू में आकर्षित करने के लिए मालवीय पोस्ट डॉक्टोरल फेलोशिप की शुरुआत की गई थी। हर महीने एक लाख रुपये वेतन दिया जाता है। इस स्कीम को आगे नहीं चलाया जाएगा।
इन तीनों स्कीम को भी किया जाएगा बंद
- प्रमोटिंग ट्रांस-डिसीप्लीनेरी रिसर्च स्कीम में अलग-अलग विषयों के वैज्ञानिकों का एक साथ आकर रिसर्च फंड करने की योजना आईओई के बाद नहीं जारी होगी।
- प्रोफेसर और उनके रिसर्च स्कॉलर्स को साउथ कैंपस में जाकर किताबें और रिसर्च पेपर आदि तैयार करने के लिए हर दिन का 600 रुपये खर्च दिया जाता था। इसे भी बंद किया जाएगा।
- सीनियर प्रोफेसरों को बेहतर रिसर्च की जरूरत के अनुसार इंसेटिव ग्रांट दिए जाते हैं। कुछ प्रोफेसरों का आठ लाख रुपये तक भी दिए गए हैं।