आजमगढ़ जिले में कोरोना मरीजों की लगातार बढ़ती हुई संख्या को देखते हुए शासन की ओर से व्यवस्थाओं को बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है। वहीं, राजकीय मेडिकल कॉलेज आजमगढ़ में कार्यरत पांच चिकित्सा शिक्षक कोविड-19 महामारी में भी अपनी ड्यूटी से अनुपस्थित चल रहे हैं।
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जिलाधिकारी ने नौ अगस्त तक ड्यूटी ज्वाइन नहीं करने पर चिकित्सकों के खिलाफ एफआईआर की चेतावनी दी है। जिलाधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि अनुपस्थित चल रहे चिकित्सा शिक्षकों में डॉ विशाल गुप्ता सह आचार्य मेडिसीन विभाग, डॉ पवन कुमार सिंह सह आचार्य सर्जरी विभाग, डॉ अजेश चन्द्र गुप्ता आचार्य और विभागध्यक्ष मेडिसीन विभाग, डॉ अनिल कुमार गुप्ता आचार्य एवं विभागाध्यक्ष आर्थोपेडिक्स विभाग, डॉ अरुण कुमार यादव प्रवक्ता कम्युनिटी मेडिसीन विभाग शामिल हैं।
सभी चिकित्सा शिक्षक राजपत्रित अधिकारी हैं। इनकी सेवाएं अनिवार्य सेवाओं के अंतर्गत आती हैं। शासन के निर्देशों के क्रम में वर्तमान में वैश्विक स्तर पर महामारी घोषित हो चुके कोविड-19 की भयावह स्थिति में भी कोविड-19 के मरीजों के उपचार एवं अन्य संबंधित सेवाओं में योगदान नहीं किया जा रहा है।
जिलाधिकारी ने सभी चिकित्सा शिक्षकों को निर्देश दिए हैं कि नौ अगस्त तक आकर इस वैश्विक महामारी में अपनी सेवाएं दें। नहीं तो उनके खिलाफ महामारी अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज करा दी जाएगी।