भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (काशी हिन्दू विश्वविद्यालय) में शनिवार को इंडक्शन और ओरिएंटेशन कार्यक्रम का भव्य समापन हुआ। मुख्य अतिथि देश की प्रथम महिला आईपीएस एवं पुडुचेरी की पूर्व उप राज्यपाल डॉ. किरण बेदी रहीं।
उन्होंने कहा कि आप काफी कीमत चुका कर, तपस्या कर के यहां तक आए हो। समय, लगन, मेहनत आपने दी। आपके अभिभावकों ने आपको यहां तक पहुंचाने में भारी कीमत चुकाई है। मैं आपको अपनी जिंदगी के 75 साल का अनुभव देने आई हूं। ध्यान में सुनना और कुछ सीख कर जाना।
किरण बेदी ने कहा कि अपनी जिंदगी कि शुरूआत कृतज्ञता से करो। सुबह अपने माता-पिता, परिवार और देश का धन्यवाद करना है। अगर आप धन्यवाद देना सीख जाओगे, आप सफल होना सीख जाओगे। महामना मदनमोहन मालवीय का धन्यवाद देना कि उनकी वजह से आप यहां हैं, हम यहां हैं।
कहा कि न्यूज पेपर पढ़ने की आदत डालो। एक नेशनल न्यूज पेपर और एक बिजनेस न्यूज पेपर जरूर पढ़ो। आपको जानना चाहिए कि देश में क्या हो रहा है, दुनिया में क्या हो रहा है। आपको करेंट अफेयर्स और संपादकीय भाग को जरूर पढ़ना चाहिए। आप यहां क्रियेशन के लिए आए हो।
मैंने अपने आप से पूछा था कि मैं आईपीएस क्यों बनने जा रही हूं, न मुझे तनख्वाह का पता था, न मुझे गाड़ी का पता था। मुझे सिर्फ इतना पता था कि मैं दूसरे के काम आऊंगी। काम आना अपने चरित्र का हिस्सा बन गया है। आज आपके काम आ रही हूं।
आपको सॉल्यूशन प्रोवाइडर बनना है। आपको अपने आप में क्रियेट करना है। योर इडक्शन इज योर विजन। च्वाईस आपके हाथ में है। अगर आप ईमानदारी बोओगे, तो आप विश्वास जीतोगे। मैं आपके सेल्फ इंडक्शन के लिए आई हूं। प्रोफेशन इंडक्शन आप क्लास में सीखोगे। स्वार्थी बनोगे तो अकेले हो जाओगे।
संस्थान के निदेशक प्रोफेसर अमित पात्रा द्वारा किया गया। धन्यवाद ज्ञापन स्टूडेंट काउंसिल सर्विस के फैकल्टी इंचार्ज एवं केमेस्ट्री विभाग के अस्सिटेंट प्रोफेसर डॉ. वी. रामनाथन ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
इसके पूर्व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसित ओरिगेमी कलाकार श्री शिवकुमार ने ओरिगेमी वर्कशॉप का आयोजन किया। उन्होंने छात्रों को कागज से विभिन्न कलाकारी करने के तरीके बताए। इसके उपरांत अलुमनाई पैनल डिस्कशन का आयोजन हुआ।
इसमें आर्यरूप पॉल, 2000 केमिकल इंजीनियरिंग बैच, हेड ऑफ डिलेवरी, इनोवेशन एट ओरेकल फाइनेंशियल सर्विसेज, गौरव पुंदीर, 2002 इलेक्ट्रिकल बैच, निदेशक, जी 20 सेल, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार, मयुर धुरपटे, 2017, सिविल इंजीनियरिंग बैच, को-फाउंडर ऑफ आईमम्ज शामिल रहे।
उन्होंने अपने पढ़ाई के दौरान हुए अनुभवों को नए छात्रों से साझा किया। कार्यक्रम के आरंभ में महामना पंडित मदन मोहन मालवीय जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया।