श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्वभूषण मिश्रा ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लाइव दर्शन, पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम, खोया पाया केंद्र, पेयजल की व्यवस्था की गई है। दिव्यांग व वृद्धजनों के लिए व्हीलचेयर व ई-रिक्शा उपलब्ध रहेंगे।
शुक्रवार और शनिवार ऐसे होगा प्रवेश और निकास
- श्री काशी विश्वनाथ धाम में गेट नंबर चार से दर्शनार्थियों को प्रवेश दिया जाएगा। श्रद्धालु नीलकंठ भवन से कतारबद्ध होकर शंकराचार्य चौक में प्रवेश करेंगे। जांच के बाद मंदिर परिसर में प्रवेश सी द्वार से होगा। गर्भगृह के उत्तरी द्वार से झांकी दर्शन के बाद श्रद्धालु शंकराचार्य चौक होते हुए गंगा द्वार से बाहर निकलेंगे।
- नंदूफारिया रैंप से प्रवेश करने वाले श्रद्धालु यात्री सुविधा केंद्र एक की बैरिकेडिंग से होते हुए मंदिर प्रांगण में डी गेट से प्रवेश करेंगे। गर्भगृह के पश्चिमी द्वार से झांकी दर्शन के बाद दोबारा डी गेट से होते हुए शृंगार गौरी के रास्ते बाहर निकलेंगे।
- ढुंढिराज की तरफ से आने वाले दर्शनार्थी अन्नपूर्णा द्वार से प्रवेश करेंगे और चेकिंग के बाद डी गेट से मंदिर प्रांगण में पहुंचेंगे। गर्भगृह के पश्चिमी द्वार से झांकी दर्शन करने के बाद पुनरू डी गेट से होते हुए शृंगार गौरी के रास्ते बाहर निकलेंगे।
- सरस्वती द्वार से आने वाले श्रद्धालु यात्री सुविधा केंद्र दो के चेकिंग प्वाइंट से गुजरते हुए बी गेट से मंदिर प्रांगण में पहुंचेंगे। गर्भगृह के दक्षिणी द्वार से झांकी दर्शन करते हुए पुन: बी गेट से बाहर निकलेंगे।
- गंगा द्वार से प्रवेश करने वाले श्रद्धालु शंकराचार्य चौक होते हुए ए गेट से मंदिर परिसर में आएंगे। गर्भगृह के पूर्वी द्वार से झांकी दर्शन के बाद दोबारा ए गेट से बाहर निकलेंगे।
- प्रोटोकॉल के जरिये आने वाले श्रद्धालुओं को गेट नंबर चार से प्रवेश मिलेगा। शृंगार गौरी चेकिंग प्वाइंट से होकर नंदी के पास से मंदिर प्रांगण में प्रवेश करेंगे। सी गेट से दर्शन करने के बाद इसी रास्ते से वापस आएंगे।