Surya Grahan 2024: ग्रहण के दौरान किसी भी कार्य में रोक नहीं रहेगी। सूर्य ग्रहण का 12 राशियों के जातकों पर प्रभाव पड़ेगा। सूर्य ग्रहण हस्त नक्षत्र और कन्या राशि में लगेगा। वहीं, चंद्रमा बुध और केतु के साथ कन्या राशि में होगा। आठ अप्रैल को लगने वाला यह पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा।
वर्ष का पहला सूर्य ग्रहण आठ अप्रैल को लगेगा। लगभग 50 साल के बाद सबसे लंबी अवधि के सूर्य ग्रहण का भारत पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। भारत में दृश्य नहीं होने के कारण न तो सूर्य ग्रहण का सूतक लगेगा और ना ही ग्रहण का कोई विधान मान्य होगा। आठ अप्रैल को रात्रि में सूर्य ग्रहण पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा।
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काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के सदस्य पं. दीपक मालवीय ने बताया कि चैत्र नवरात्रि के शुरू होने से एक दिन पहले चैत्र अमावस्या पर साल का पहला सूर्य ग्रहण लगेगा। आठ अप्रैल को लगने वाला यह पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा। सूर्य ग्रहण रात 9:12 बजे से शुरू होगा और 2:22 बजे पूर्ण होगा। लगभग 50 साल के बाद 5.25 घंटे की अवधि का सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है। हालांकि ये सूर्य ग्रहण भारत में नहीं देखा जा सकेगा। क्योंकि ये रात में लग रहा है।
सूर्य ग्रहण कनाडा, मेक्सिको, यूनाइटेड स्टेट्स, नीदरलैंड, कोलंबिया, ग्रीनलैंड, आयरलैंड, नॉर्वे, जमैका, रूस, स्पेन, यूनाइटेड किंग्डम और वेनेजुएला समेत दुनिया के कुछ हिस्सों में नजर आएगा।
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शास्त्रों के अनुसार सूर्य ग्रहण अगर दृश्य नहीं है तो उसका मान भी नहीं होगा और सूतक की मान्यता भी नहीं होगी। ग्रहण के दौरान किसी भी कार्य में रोक नहीं रहेगी। पं. मालवीय ने बताया कि सूर्य ग्रहण का 12 राशियों के जातकों पर प्रभाव पड़ेगा। सूर्य ग्रहण हस्त नक्षत्र और कन्या राशि में लगेगा। वहीं, चंद्रमा बुध और केतु के साथ कन्या राशि में होगा। जातकों को इस दौरान मानसिक तनाव का सामना करना पड़ सकता है।
सूर्यग्रहण से 12 घंटे और चंद्रग्रहण से पांच घंटे पहले लगता है सूतक
ग्रहण के पहले सूतक काल की शुरुआत हो जाती है। इस दौरान किसी भी तरह का शुभ काम या पूजा-पाठ करना वर्जित होता है। सूर्य ग्रहण लगने पर सूतक काल ग्रहण के शुरू होने के 12 घंटे पहले लग जाता है वहीं चंद्र ग्रहण पर सूतक काल ग्रहण लगने के 5 घंटे पहले लगता है।