हाल ही में बिहार के दो कुख्यात बदमाशों मनीष सिंह और रजनीश सिंह का एनकाउंटर हुआ। दोनों बदमाश पटना कोर्ट से फरार थे और रोहनिया में दरोगा अजय यादव को गोली मारकर सर्विस पिस्टल लूट ली थी। 13 दिन के अंदर पुलिस आयुक्त के नेतृत्व में कमिश्नरेट पुलिस ने दोनों को ढेर कर दिया था। एक दशक बाद वाराणसी में दोहरी मुठभेड़ हुई थी।
विश्वनाथ धाम कॉरिडोर के बने साक्षी, ज्ञानवापी प्रकरण में दिखी कुशलता
पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश अपने कार्यकाल में ऐतिहासिक श्रीकाशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर उद्घाटन के साक्षी बने। वहीं, संवेदनशील मामले ज्ञानवापी श्रृंगार गौरी प्रकरण में उनकी कुशलता भी वाराणसी की जनता ने देखी। एक ओर कानपुर , बरेली में जहां बवाल हुआ था तो वहीं, वाराणसी में सब शांति ही शांति रहा।
ट्रैफिक मुद्दे पर नहीं बन सकी बात
पुलिस आयुक्त के लिए वाराणसी की ट्रैफिक व्यवस्था शुरू से चुनौती रही। कार्यभार ग्रहण करने से लेकर अंतिम समय तक ट्रैफिक मुद्दे पर अभिनव प्रयोग करते रहे लेकिन सफलता हद तक नहीं मिल सकी। शहर गाहे बगाहे जाम में जूझता ही रहा।