श्री बाल माता मंदिर देवीकोठा की पदयात्रा शनिवार को शिव की नगरी से शक्ति के धाम के लिए निकली। ढोल-नगाड़ों पर झूमते और भजन गाते हुए भक्तों की टोली ने माता के धाम के लिए प्रस्थान किया। पहले माता की आरती उतारी, इसके बाद गुरुद्वारे में मत्था टेककर मां के धाम के लिए पैदल रवाना हो गए। 30 जुलाई को पदयात्री मां विंध्यवासिनी के धाम पहुंचेंगे और 31 जुलाई से पांच अगस्त तक के अनुष्ठान शुरू होंगे।
महंत राजू, महंत दीपक बहल, महंत रवि पदयात्रियों के साथ रानीकुआं के मां भद्रकाली मंदिर पहुंचे। खत्री हितकारिणी सभा की ओर से सुनील मेहरोत्रा के नेतृत्व में स्वागत हुआ। स्व. आत्माराम सैगल परिवार ने माता की ज्योति का पूजन किया। इसके बाद शोभायात्रा शुरू हुई। शोभायात्रा में मां शैलपुत्री के महंत पं. जिऊत महाराज अपने शिष्यों के साथ डमरू और शंखनाद कर रहे थे। सरस्वती इंटर कॉलेज के छात्र और खत्री हितकारिणी सभा के लोग ध्वजा लेकर चल रहे थे। ज्ञानवापी पर आनंद खरवार, सत्यनारायण मंदिर पर सूरजमल परिवार, बांसफाटक पर केशव जालान और कपूर परिवार ने स्वागत किया। यात्रा के गुरुद्वारा पहुंचने पर प्रबंधक समिति ने स्वागत किया। गुरुद्वारा में मत्था टेककर पदयात्री मां विंध्यवासिनी के धाम के लिए रवाना हो गए। इस दौरान खत्री हितकारिणी सभा के संरक्षक पूर्व एमएलसी अशोक धवन, डाॅ. अश्विनी टंडन, डाॅ. अनुराग टंडन, विजय रमन सेठ, रामनाथ मेहरोत्रा, के साथ ही खत्री युवा सभा के सदस्य और खत्री महिला सभा की सदस्य शामिल रहीं।