ग्रहों का संयोग
पं. मालवीय के अनुसार चंद्रग्रहण वृश्चिक राशि एवं अनुराधा नक्षत्र पर लगेगा। इस दिन चंद्रमा वृश्चिक राशि में गोचर कर रहे हैं जो इनकी नीच राशि है। चंद्रमा के साथ वृश्चिक राशि में केतु भी होंगे। शुभ ग्रह के साथ एक क्रूर ग्रह का योग बनेगा।
कहा जाता है ब्लड मून
ज्योतिषाचार्य राहुल तिवारी ने बताया कि खगोलीय घटना में रुचि रखने वाले लोग पूर्ण चंद्र ग्रहण देख सकेंगे। इस घटना को ब्लड मून भी कहा जाता है, क्योंकि इसमें चंद्रमा थोड़ा लाल-नारंगी रंग का दिखाई देता है। 21 जनवरी 2019 के बाद पहली बार पूर्ण चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। पूर्ण चंद्र ग्रहण तब होता है जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच में आ जाती है, जिससे सूर्य की किरणें सीधे चंद्रमा तक नहीं पहुंच पाती हैं।
दुर्लभ है चंद्रग्रहण
इस साल का पहला पूर्ण चंद्र ग्रहण कई मायनों में दुर्लभ है। ये ग्रहण वाले दिन सुपरमून कहलाएगा और लाल रंग का होगा। ये दोनों संयोग कई सालों में एक बार आता है। वैज्ञानिकों के अनुसार इसे सुपर लूनर इवेंट कहा जाता है, क्योंकि ये सुपरमून भी होगा, ग्रहण भी होगा और चंद्रमा खूनी लाल रंग का दिखेगा।