अन्नपूर्णा ग्रैंडयोर अपार्टमेंट के चौथे मंजिल पर लगी आग
- फोटो : अमर उजाला
भवन निर्माण के समय बिल्डर ज्यादातर काम कागजी करते हैं और विभागीय मिलीभगत से अपने संसाधनों की एनओसी भी ले लेते हैं। काशी विद्यापीठ के सामने की इमारत में लगी आग के बाद सामने आई अग्नि सुरक्षा की लापरवाही प्रशासन के लिए भी बड़ा सबक है।
जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने कहा कि बहुमंजिला इमारतों में अग्नि सुरक्षा संयंत्र आवश्यक है और उससे ज्यादा अहम उसमें लगे संसाधनों की जांच होनी चाहिए। अग्निशमन विभाग को निर्देश दिया जाएगा कि इमारतों में लगे संसाधन और संयंत्रों की जांच के लिए अभियान चलाएं। अन्नपूर्णा ग्रैंडयोर मामले की भी जांच कराई जाएगी।
अन्नपूर्णा ग्रैंडयोर अपार्टमेंट के चौथे मंजिल पर लगी आग
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अन्नपूर्णा ग्रैंडयोर की तरह ही शहर में बनी सैकड़ों बहुमंजिला इमारतों में अग्निशमन दल की ओर से कभी मॉक ड्रिल भी नहीं कराई जाती है। यही कारण है कि न तो समय पर संसाधनों की जांच हो पाती है और न ही जंग खाए संसाधन को बदलने का प्रयास होता है। जबकि बहुमंजिला इमारतों में आग लगने के खतरे सबसे ज्यादा होते हैं और बाहरी संसाधनों से उस पर काबू पाना भी मुश्किल होता है।
अन्नपूर्णा ग्रैंडयोर अपार्टमेंट में गुरुवार रात आग लगने की घटना की जांच के लिए जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने जांच कमेटी गठित कर दी है। इसमें वीडीए, पुलिस प्रशासन, फायर, प्रशासनिक अधिकारियों को शामिल किया गया है। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
11 मंजिला बिल्डिंग का निर्माण बिल्डर उमा ढंढानिया, आरती जैन ने कराया था। 44 फ्लैट की इस बिल्डिंग में चौथे फ्लोर के एक फ्लैट में आग लगी थी। टीम को शुक्रवार को मौके पर जाकर निरीक्षण करने का निर्देश भी दिया गया है।