झोपड़ी में सीट कवर और फोम होने के कारण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया और काले धुएं का गुबार आसमान में छा गया। सूचना पर पहुंचे दमकल विभाग के जवानों को आग बुझाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
इसके बावजूद भी 11 बजे तक आग पर पूरी तरह से काबू नहीं पाया जा सकता था। इतिहात के तौर पर जैतपुरा पुलिस ने नक्खीघाट और ढेलवरिया रेलवे लाइन के बगल से जाने वाले रास्ते को बंद कर दिया था।
स्कूटी और बछड़े के साथ लाखों का सामान जला
झोपड़ियों में जब आग तेजी से फैलने शुरू हुई तो किसी को कुछ समझ में नहीं आया कि क्या किया जाए। इस दौरान रामू की झोपड़ी में रखी स्कूटी और बछड़ा समेत लाखों रुपये का सामान जलकर राख हो गया। वहीं सूबेदार, मखंचु, संदीप और प्रह्लाद झोपड़ी में रखा टीवी, पंखा, फर्नीचर, मोबाइल, रजाई, गद्दा, चौकी समेत कपड़े जलकर नष्ट हो गए। लोगों ने बताया कि अगर फायर ब्रिगेड समय से मौके पर पहुंच जाती तो आग पर समय रहते काबू पा लिया जाता और इतनी बड़ी क्षति नहीं होती।