सुरक्षा के दृष्टिकोण से अति संवेदनशील काशी विश्वनाथ मंदिर परिक्षेत्र के रेड जोन से चंद कदम दूर गोदौलिया-बांसफाटक मार्ग पर स्थित केसीएम स्पाइस बिल्डिंग में सोमवार की सुबह करीब छह बजे आग लग गई। धुएं के गुबार के साथ लपटें उठतीं देख आसपास के लोगों ने पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी।
आग भूतल और प्रथम तल स्थित कोटक महिंद्रा बैंक के कार्यालय में लगी थी। दमकल की 11 गाड़ियों ने तकरीबन चार घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। मलबे से दोपहर बाद फिर लपटें उठने से अफरातफरी मची लेकिन फायर ब्रिगेड ने तत्काल काबू पा लिया।
शार्ट सर्किट या इनवर्टर की बैटरी में विस्फोट की वजह से आग लगने की आशंका जताई गई है। बैंक के फर्नीचर, कागजात के सहित कई कीमती उपकरण और सामान जलकर नष्ट हो गए। बैंक प्रबंधन ने कैश सुरक्षित होने की जानकारी दी है।
मौके पर जुटे आसपास के लोग सूचना देने के करीब घंटे भर बाद राहत-बचाव कार्य शुरू होने से नाराज दिखे। फायर ब्रिगेड और पुलिस के पहुंचने से पहले ही स्थानीय लोग आग बुझाने की कोशिशों में जुट गए थे। गौदालिया चौराहे से बांसफाटक की ओर बढ़ने पर बाईं तरफ तीन मंजिला केसीएम स्पाइस बिल्डिंग स्थित है। यह इलाका शहर के अति व्यस्त स्थानों में एक है।
सुबह करीब छह बजे के लगभग आसपास के लोगों ने केसीएम बिल्डिंग से धुआं उठता देखा तो फायर ब्रिगेड और पुलिस को सूचना दी। तकरीबन एक घंटे की देरी से दमकल कर्मी 10 वाहन और हाइड्रोलिक प्लेटफार्म लेकर पहुंचे तो धुएं के गुबार के बीच यह स्पष्ट ही नहीं हो पा रहा था कि आग कहां लगी है। पूरी इमारत में धुआं भरा था। पड़ोस में रहने वाले खुर्शीद के मकान से दमकल कर्मियों ने किसी तरह आग बुझाने की जगह बनाई।
एहतियातन आसपास के घर खाली करा लिए गए। गोदौलिया-बांसफाटक मार्ग पर आवागमन भी बंद करा दिया गया। तकरीबन चार घंटे की मशक्कत के बाद दिन के 11 बजे तक आग पर काबू पा लिया गया लेकिन भूतल और प्रथम तल से रह-रहकर धुआं उठता रहा।
इसी बीच दोपहर एक बजे के लगभग एक बार फिर लपटें उठनी शुरू हुईं तो दमकल की गाड़ी ने तत्काल उस पर काबू पाया। आग में कोटक महिंद्रा बैंक के फर्नीचर, कागजात, उपकरण सहित अन्य कीमती सामान जलकर नष्ट हो गए हैं। बैंक के ऑपरेशनल मैनेजर दीपक ने बताया कि कैश सुरक्षित है। अन्य क्षति के बारे में लखनऊ से आ रही टीम आंकलन करेगी और कारणों का पता लगाएगी।