आग फैलते ही मकान में फंसे लोग घबरा गए। कुछ लोग सीढ़ियों से नीचे उतरकर बाहर निकलने में सफल रहे, लेकिन महिलाएं और बच्चे ऊपर ही फंस गए और छत पर पहुंचकर शोर मचाने लगे। इस दौरान स्थानीय युवक आशीष जायसवाल, राजकुमार गुप्ता, रहीम हाशमी, अनिल मोदनवाल, विशाल पटेल और बब्बू पटेल ने साहस दिखाते हुए बचाव कार्य शुरू किया। विद्युत उपकेंद्र राजातालाब से सीढ़ी लाकर और पास के मकान से बांस की सीढ़ी लगाकर छत पर फंसे आठ लोगों को सुरक्षित नीचे उतारा गया। इनमें नेहा सिंह, श्रद्धा सिंह, एक माह की बच्ची, आर्यन, साक्षी और पक्षी समेत अन्य बच्चे शामिल हैं।
बचाव के दौरान चार बड़े घरेलू गैस सिलेंडर और एक छोटा सिलेंडर भी सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे बड़ा विस्फोट टल गया। आग में कोल्ड ड्रिंक गोदाम और कपड़ा दुकान का लाखों रुपये का सामान जलकर राख हो गया।
मकान के बाहर जुटी भीड़।
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स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि सूचना देने के करीब एक घंटे बाद फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और कुछ देर में ही पानी खत्म हो गया। बाद में लोगों ने सबमर्सिबल पंप चलाकर पानी की व्यवस्था की। इसके बाद फायर ब्रिगेड की चार गाड़ियां पहुंचीं और घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
घटना के दौरान उपजिलाधिकारी शांतनु सिनसिनवार, डीसीपी नीतू कद्दान, एडीसीपी नृपेन्द्र और एसीपी अमित श्रीवास्तव समेत पुलिस-प्रशासन के अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। आग के कारण पूरे बाजार में दहशत फैल गई और पुलिस ने राजातालाब-जक्खिनी मार्ग पर यातायात रोक दिया। पीड़ितों ने बताया कि धुएं से घिरने के कारण जान बचने की उम्मीद खत्म हो गई थी, लेकिन स्थानीय लोगों की मदद से सभी सुरक्षित बाहर निकल सके।