बंद फ्लैट में घुसे 20 दमकलकर्मी, होटल भी बचाया
दशाश्वमेध-शीतला घाट मार्ग स्थित भवन के भूतल पर दुकानें हैं, जबकि पहली, दूसरी और तीसरी मंजिल पर अलग-अलग लोगों के फ्लैट हैं। मंडुवाडीह के रानीपुर निवासी उमेश भाटिया का टू-बीएचके फ्लैट बंद था। शाम करीब साढ़े सात बजे पुलिस को कमरे से आग की लपटें उठने की सूचना मिली। भवन से सटे होटल एमआरके और नीचे की दुकानों में मौजूद लोग घबरा गए। होटल के कर्मचारी और ठहरे हुए अतिथि भी बाहर निकल आए। हालांकि, फायर ब्रिगेड और पुलिस ने समय रहते आग को आसपास के भवनों तक फैलने से रोक दिया। 20 दमकलकर्मियों की टीम ने चारों ओर से पानी की बौछार कर आग पर काबू पा लिया।
अतिक्रमण हटने से 10 मिनट में पहुंचीं दमकल की गाड़ियां
दशाश्वमेध क्षेत्र के व्यापारी सुरेश तुलस्यान और विशाल यादव 'बच्चू' ने बताया कि नई सड़क से दशाश्वमेध तक अतिक्रमण हटने का असर रहा कि फायर ब्रिगेड की गाड़ियां जाम में नहीं फंसीं। जबकि शाम के समय गोदौलिया-दशाश्वमेध और शीतला घाट मार्ग पर अत्यधिक भीड़ रहती है। उनका कहना है कि पुलिस ने अतिक्रमण हटवाया था, जिससे दमकल की गाड़ियां करीब 10 मिनट में मौके पर पहुंच गईं। मुख्य अग्निशमन अधिकारी आनंद सिंह राजपूत ने बताया कि शॉर्ट सर्किट से फ्लैट में आग लगी थी। फ्लैट बंद था। दमकल की तीन गाड़ियों ने समय रहते आग पर काबू पा लिया। मामले की जांच की जा रही है।