प्रदेश के 25 जिलों के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में नियुक्ति हासिल करने वाली अनामिका शुक्ला का संबंध बनारस से भी है। सेवापुरी ब्लाक के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में उसकी नियुक्ति तो हुई थी लेकिन उसने अभी तक कार्यभार नहीं ग्रहण किया था। अब शिक्षा विभाग की ओर से जहां सेवा समाप्ति के लिए जिला अधिकारी को पत्र लिखा गया है वहीं अनामिका के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया जाएगा।
फर्जी पते के आधार पर नियुक्ति पाने में सफल अनामिका पर कार्यवाही के बारे में बीएसए राकेश सिंह ने बताया कि अनामिका का चयन सेवापुरी ब्लाक के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में विज्ञान शिक्षिका के रूप में हुआ था। हालांकि उसने अभी तक वहां कार्यभार नहीं ग्रहण किया है। संबंधित विद्यालय से नियुक्ति से जुड़े कागजात मंगाकर जांच भी कराई जाएगी।
साथ ही मामले में मुकदमा दर्ज कराने के लिए सेवापुरी के एबीएसए को भी निर्देशित किया जा चुका है। बीएसए ने बताया कि जिले के बाकी सभी कस्तूरबा गांधी विद्यालय में तैनात 43 शिक्षिकाओं के प्रमाण पत्रों का भी सत्यापन कराया जाएगा।
डिजिटल डेटाबेस से पकड़ा गया फर्जीवाड़ा
शिक्षकों के नियुक्ति में डिजिटल डेटाबेस तैयार करने का ही परिणाम रहा कि इस तरह के फर्जीवाड़े की पोल जल्दी खुल गई। शासन की ओर से कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में तैनात शिक्षकों का डिजिटल डेटा बेस तैयार करने का निर्देश दिया गया था। इसके बाद जब डिजिटल डाटा तैयार होने लगा तो एक ही साथ 25 जिलों में अनामिका के नियुक्ति की पोल खुली। अब उसके ऊपर एक के बाद एक कार्रवाई होती जा रही है।