1983 में अभिलेखों में हेराफरी कर साढ़े तीन एकड़ जमीन पर किया था कब्जा
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35 साल पहले अभिलेखों में हेराफेरी कर जमीन हड़पने के मामले में कांग्रेस के पूर्व विधायक सहित तीन लोगों पर प्राथमिकी दर्ज होगा। केस दर्ज करने का यह आदेश आजमगढ़ डीएम कोर्ट द्वारा दिया गया है। साथ ही इस मामले में दोषी पाए जाने वाले अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी केस दर्ज करने का आदेश दिया है।
फूलपुर तहसील के ग्रामसभा तरकुलहा में लगभग साढ़े तीन एकड़ झाड़ी की जमीन पर कब्जे का मामला प्रकाश में आया। बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी श्रीप्रकाश राय की जांच में पाया गया कि अभिलेखों में हेराफेरी कर उप संचालक चकबंदी के आदेश से 1983 से अब्दुल रब और कांग्रेस के पूर्व विधायक( फूलपुर) अब्दुल कलाम ने उक्त जमीन पर कब्जा कर रखा है।
इनका नाम निरस्त कराने के लिए दो माह पूर्व डीएम कोर्ट में मुकदमा दाखिल किया गया। शुक्रवार को मामले की सुनवाई के दौरान जिला शासकीय अधिवक्ता राजस्व ओमप्रकाश राजभर ने साक्ष्यों व तर्कों को रखा।
जिसके आधार पर डीएम ने उप संचालक चकबंदी के पूर्व के आदेश को निरस्त करते हुए जमीन से लाभार्थियों का नाम खारिज कर उसे ग्राम सभा के खाते में दर्ज करने तथा तत्कालीन तहसीलदार फूलपुर को फर्जी नकल पेशकर अदालत को गुमराह करने और लाभार्थियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने का आदेश दिया।
इसके अलावा विवेचना में फर्जी नाम दर्ज करने के दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध भी एफआईआर दर्ज कराने का आदेश दिया है।