चिकन के कपड़ों की ऑनलाइन बिक्री के नाम पर करता था धोखाधड़ी
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माई सिटी रिपोर्टर वाराणसी। इंस्टाग्राम पर चिकन के कपड़ों की ऑनलाइन बिक्री के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के मुख्य आरोपी इश्तेयाक एन नहुसीन के खिलाफ बुधवार को साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई। आरोपी ने लोगों को भारी छूट का झांसा देकर हजारों रुपये ठगे है। साइबर क्राइम प्रभारी उदयवीर सिंह ने बताया कि जांच में सामने आया कि इश्तेयाक इंस्टाग्राम पर चिकन के कपड़ों की ऑनलाइन खरीदारी के लुभावने विज्ञापन देता था। झांसे में आकर लोग कपड़े ऑर्डर करते थे। वह उनसे एडवांस पैसे ऐंठकर धोखाधड़ी करता था। उप-निरीक्षक संजीव कुमार कनौजिया की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज की गई है।
पुलिस को जांच के दौरान 10 संदिग्ध आईएमईआई नंबर मिले थे। इनमें से एक विशिष्ट आईएमईआई नंबर की ''समन्वय पोर्टल'' पर जांच की गई। इस नंबर पर पहले से ही साइबर धोखाधड़ी की दो शिकायतें दर्ज थीं। पहली शिकायत आईमान रऊफ ने 15,500 रुपये के लिए दर्ज कराई थी। दूसरी शिकायत वैभव गुप्ता ने 20,000 रुपये की धोखाधड़ी के लिए की थी। कुल 35,500 रुपये की धोखाधड़ी हुई थी। साइबर क्राइम थाने के उप-निरीक्षक संजीव कुमार कनौजिया ने मोबाइल नंबर का सीडीआर और सर्विलांस खंगाला। मोबाइल धारक की लोकेशन चंदौली के धानापुर में मिली। पुलिस ने आसिफ खान को हिरासत में लिया, जिसके पास से फोन बरामद हुआ। आसिफ ने बताया कि उसने यह फोन पड़ोसी फैसल से खरीदा था। फैसल ने पुलिस को बताया कि उसने यह फोन भेलूपुर के मिलन एंटरप्राइजेज'' से खरीदा था। उसने फोन का बिल और बॉक्स भी पुलिस को सौंप दिया। दुकान के मालिक नवीन गुप्ता ने बताया कि यह फोन इश्तेयाक ने 17 जून 2026 को खरीदा था। फोन खरीदने के लिए अपनी आधार कार्ड की कॉपी भी दी थी।