पीड़ित का आरोप है कि जाते समय आरोपियों ने पुलिस और न्यायालय की कार्रवाई करने पर जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित के अनुसार घटना के बाद वह थाने पहुंचा था। चोटिल अरविंद, संतोष और छोटू का पीएचसी पकड़ी में चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया। बाद में पुनः चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया।
कार्रवाई नहीं होने पर उसने एसपी को भी प्रार्थना पत्र भेजा। इसके बाद न्यायालय की शरण ली। न्यायालय के आदेश पर सिकरारा पुलिस ने अरुण कुमार, लालमन, राजनेश उर्फ बच्ची, शनि और गगन समेत अन्य के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
थानाध्यक्ष सिकरारा तेज बहादुर ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले की विवेचना की जा रही है। विवेचना में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।