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वाराणसी: फर्जी लीज डीड बनवाने के आरोप में तीन पर प्राथमिकी, अदालत ने दिया आदेश; हत्या के मामले में 4 आरोपी बरी

Sun, 06 Sep 2026 12:27 AM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

फर्जी लीज डीड बनवाने के आरोप में तीन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश अदालत ने दिया है। वहीं, हत्या के एक मामले में सुनवाई के बाद अदालत ने चार आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया। दोनों मामलों में अदालत के आदेश के बाद संबंधित पक्षों में हलचल है। पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी है।

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वाराणसी कोर्ट। - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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भेलूपुर थाना क्षेत्र के कश्मीरीगंज में भवन की कथित फर्जी लीज डीड तैयार कराने और उसका इस्तेमाल करने के आरोप में भाई ने अपनी बहन समेत तीन लोगों के खिलाफ न्यायालय की शरण ली। अदालत के आदेश पर कैंट पुलिस ने सुषमा रतन, नील रतन और नंदा रतन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की।

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शिकायतकर्ता शैलेंद्र कुमार वर्मा के मुताबिक, कश्मीरीगंज तीन भवन उनके दिवंगत माता-पिता के नाम दर्ज थे। 2023 में बहन सुषमा रतन की सहमति और अनापत्ति के आधार पर संपत्तियों में उसका नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज हुआ। इसके बाद वह भवनों पर काबिज होकर उनका उपयोग करता रहा। आरोप है कि सुषमा रतन ने भवन के संबंध में तीन दिसंबर 2022 को लीज डीड तैयार कराकर उपनिबंधक तृतीय कार्यालय में पंजीकृत कराया। 

शिकायतकर्ता का आरोप है कि डीड में सुषमा ने खुद को भवन की स्वामिनी और बनारस पब्लिक स्कूल की प्रबंधक बताया, जबकि राजस्व अभिलेखों में स्वामित्व की स्थिति अलग है। शैलेंद्र का आरोप है कि डीड में 18 जून 2000 से 30 वर्ष की लीज दर्शाई गई, जबकि दस्तावेज 2022 में तैयार और पंजीकृत हुआ। भवन के क्षेत्रफल और चौहद्दी को भी वास्तविक स्थिति से अलग दर्शाने का आरोप लगाया गया है। साथ ही इस पूरे मामले में न्याय की गुहार लगाई है। थाना प्रभारी राजकिशोर पांडेय ने बताया कि अदालत के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है। पूरे मामले में जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। 

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कार से टक्कर मारकर हत्या के मामले में 4 आरोपी बरी
रोहनिया थाना क्षेत्र में सात साल पहले घर के बाहर खड़े तेजश्वरी शरण दुबे को कार से टक्कर मारकर हत्या करने के मामले में अपर जिला जज प्रथम संध्या श्रीवास्तव की अदालत ने साक्ष्य के अभाव में शरण शंकर दुबे, धंसी शंकर दुबे, अनुज कुमार सिंह और यशवंत कुमार सिंह को बरी कर दिया। अभियोजन पक्ष के अनुसार, औड़े गांव की रहने वाली वंदना दुबे ने रोहनिया थाने में तहरीर दी थी कि 22 अगस्त 2019 की सुबह 8 बजे पति तेजश्वरी शरण दुबे अपने मकान के बाहर खड़े थे। आरोप था कि तभी एक सफेद रंग की कार से, जिसमें परिवार के ही शरण शंकर दुबे और धंसी शंकर दुबे मौजूद थे। पति को जानबूझकर धक्का मारकर हत्या कर दी गई थी। 
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