रक्षा बजट पर पूछे गए सवाल के जवाब में निर्मला सीतारमण का कहना है कि पिछले चार साल में रक्षा क्षेत्र में अधिक खर्च किया गया है। यह सच है कि वर्ष 2014 से पहले रक्षा क्षेत्र में कोई खरीदारी नहीं हुई। अब उसकी भरपाई कर आगे बढ़ना है। चाहे जितना खर्च हो जाए, इसकी परवाह नहीं है।
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वित्तमंत्री ने जम्मू-कश्मीर के वर्तमान हालात पर कहा कि जम्मू कश्मीर को बजट दिए जाने संबंधी मामलों पर 15वें वित्त आयोग में चर्चा कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसका अध्ययन करने के बाद ही तस्वीर साफ होगी।
राज्यों की सहमति से जीएसटी दायरे में आएंगे पेट्रोलियम पदार्थ
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, जीएसटी कानून के संसद में पारित करते समय पेट्रोलियम पदार्थों की बात उठी थी। सभी राज्यों के पक्ष में आने के बाद इस दिशा में आगे कदम बढ़ाया जा सकता है। राज्य को भी जीएसटी में अपनी राय रखने का अधिकार है।
करदाताओं का जीतना होगा भरोसा
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अधिकारियों को करदाताओं का भरोसा जीतने के साथ ही अधिक से अधिक तकनीक का इस्तेमाल करने का निर्देश दिया। बैठक में उन्होंने कहा है कि कर भुगतान को लेकर अगर कोई नोटिस घर चला जाता है तो लोग डर जाते है, लेकिन ऐसा नहीं है।
करदाताओं के दिल और दिमाग से नोटिस का डर निकालना होगा। ऐसा तभी होगा, जब हम उनके साथ मित्रवत व्यवहार करेंगे। वित्त मंत्री ने बैठक में कहा कि जो लोग टैक्स देने से कतराते हैं, उन्हें इसके लाभ के बारे में बताकर टैक्स के लिए प्रेरित करने की जरूरत है।