फिल्म अभिनेत्री शबाना आजमी ने आजमगढ़ जिले के अपने पैतृक गांव मेजवां में प्रवास के पहले दिन कैफी आजमी गर्ल्स इंटर कालेज का निरीक्षण किया। छात्राओं से बातचीत की और उनकी समस्याओं को जाना। उन्होंने बेटियों की शिक्षा पर बल दिया। इसके पूर्व उन्होंने स्व कैफी आजमी द्वारा अपनी पत्नी शौकत कैफी के लिए लगाए गए मोती बाग को देखा, उसमें बह रहे गंदे नाले के पानी पर नाराजगी जाहिर की।
शबाना आजमी ने कॉलेज के ऊपरी तल पर निर्माणाधीन कमरों की गुणवत्ता को देखा, ठेकेदार से जल्दी कार्य पूरा करने को कहा। स्कूल में सोलर पैनल लगाने की जानकारी ली और बिजली कट जाने के बाद पैनल के बैकअप के बारे में सोलर इंस्टालेशन इंचार्ज से पूछा। उन्होंने स्कूल में छात्राओं द्वारा नारी सुरक्षा 1090 एवं अन्य स्लोगन के बनाए गए पोस्टरों को देखा और सराहा।
शबाना आजमी ने कहा कि कैफी साहब लड़कियों की शिक्षा को अहम मानते थे। कैफी साहब ऐसे व्यक्ति थे जिनकी शायरी के फलसफे और उनके जीवन में फर्क नहीं था। वे लड़कियों के लिए महफूज तालीम के हिमायती थे। शबाना ने छात्रों से कहा कि लड़का-लड़की में भेदभाव नहीं रखना चाहिए। खास तौर से लड़कियों की शिक्षा पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि बाल विवाह कानूनी अपराध है।