फर्जी डिग्री के आधार पर नौकरी करने के आरोप में सोनभद्र जिले के राबर्ट्सगंज की एक महिला शिक्षक के खिलाफ पुलिस ने धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में बुधवार को मुकदमा दर्ज कर लिया। दुद्धी के एक शिक्षक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए बीईओ ने तहरीर दी है।
परिषदीय विद्यालयों में नियुक्त ऐसे अध्यापक जिन्होंने 2004-05 में डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा से बीएड की उपाधि ली थी। उनमें से जिले में कार्यरत 14 लोगों की डिग्री को संदिग्ध मानते हुए एसआईटी ने बीएसए को जांच और सत्यापन करने को कहा था।
बीएसए डा. गोरखनाथ पटेल के मुताबिक, जिन 14 लोगों की सूची एसआईटी की तरफ से दी गई थी, उनमें से अधिकांश ने अपना तबादला दूसरे जनपदों में करा लिया है। हालांकि सत्यापन के दौरान उनमें से दो लोगों के प्रमाण पत्र गलत मिलने पर बर्खास्तगी की कार्रवाई करते हुए प्राथमिकी दर्ज करने के लिए तहरीर दी गई थी। लेकिन उस दौरान प्राथमिकी दर्ज नहीं हो पाई।
राबर्ट्सगंज थाना प्रभारी अंजनी कुमार राय ने बताया कि खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) राबर्ट्सगंज रमाकांत की तहरीर के आधार पर सदर कोतवाली क्षेत्र हिनौती गांव निवासी शिक्षिका दिव्या के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है। बीएसए ने बताया कि दुद्धी कोतवाली में भी एक और शिक्षक का प्रमाण पत्र जांच में फर्जी मिलने पर प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए संबंधित बीईओ की तरफ से तहरीर दी गई है।