Varanasi News: वाराणसी में परिवहन विभाग की ओर से सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान में अजब- गजब मामले सामने आ रहे हैं। युवतियां मेकअप और बाल खराब होने के डर से हेलमेट नहीं लगा रही हैं।
स्कूटी चलाते समय युवतियां और महिलाएं हेलमेट नहीं पहन रही है। सड़क दुर्घटना से कहीं ज्यादा उन्हें अपने मेकअप और बाल खराब होने का भय सता रहा है। परिवहन विभाग की ओर से हेलमेट को लेकर चलाए जागरूकता अभियान में इस तरह के केस सामने आ रहे हैं। एक साल में महिलाओं की स्कूटी का 70829 चालान सिर्फ बिना हेलमेट के हुआ।
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संभागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन की ओर से सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान में महिलाओं और युवतियों को बिना हेलमेट रोका जा रहा है। बाल और मेकअप खराब होने की सोच को दर्शा रही हैं। उन्हें समझाया जा रहा है कि मेकअप और बाल से कहीं ज्यादा आपका सिर सुरक्षित रहना जरूरी है। वसंता महिला महाविद्यालय राजघाट की अधिकतर स्कूटी वाली छात्राएं बिना हेलमेट की आवाजाही करती हैं।
यही हाल अग्रसेन कन्या पीजी कॉलेज परमानंदपुर का भी है। वर्किंग वूमेन मेकअप खराब होने का हवाला देती हैं। एआरटीओ प्रवर्तन सुधांशु रंजन ने बताया कि बिना हेलमेट की स्कूटी सवार महिलाओं और युवतियों को जांच के दौरान रोका जाता है उनका यही जवाब मिलता है कि मेकअप और बाल खराब हो जाते हैं। इस वजह से हेलमेट लगाने में संकोच करती हैं। वह मानती भी है कि हेलमेट से धूल से राहत मिलती है और सिर भी सुरक्षित रहता है।