कोरोना का असर रेल यात्राओं पर खासा पड़ रहा है। नई दिल्ली, मुंबई, बंगलूरू सहित अन्य राज्यों से आने-जाने वाली ट्रेनों में टिकटों की बुकिंग में कमी आई है। वहीं पहले से बुक टिकटों के निरस्तीकरण की संख्या में तेजी आई है। आने वाले दिनों में ट्रेनों में यात्रियों की संख्या कम होने का अनुमान है। बुंदेलखंड, मरूधर एक्सप्रेस से आगरा आने-जाने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या में 80 फीसदी कर्मी आई है। मंडुवाडीह से चलने वाली खजुराहो एक्सप्रेस में भी बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक सफर करते हैं लेकिन इस समय एकदम नहीं दिख रहे हैं।
वाराणसी से होकर गुजरने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस, शिवगंगा, मंडुवाडीह-नई दिल्ली सुपरफास्ट, गरीब रथ, श्रमजीवी, पूर्वा एक्सप्रेस, स्वतंत्रता सेनानी, काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस, जनसाधारण, लिक्षवी एक्सप्रेस और जैसलमेर एक्सप्रेस, सद्भवना आदि ट्रेनों में इस समय बहुत कम बुकिंग हो रही है। कैंट स्टेशन और मंडुवाडीह रेलवे स्टेशन के आरक्षण कार्यालयों में टिकट निरस्तीकरण की संख्या तेजी से बढ़ी है। रेल अधिकारियों के मुताबिक विदेशी पर्यटक सबसे अधिक नई दिल्ली व आगरा से आने वाली ट्रेनों से काशी आते हैं। 15 अप्रैल तक एराइवल वीजा पर रोक के चलते भी इसका असर ट्रेनों पर पड़ा है।
कैंट रेलवे स्टेशन पर जनरल टिकट बुकिंग की संख्या भी घटी है। अमूमन 20 से 22 हजार टिकटों की रोजाना बुकिंग होती थी लेकिन इस समय सिमटकर 15 से 17 हजार तक है। 11 मार्च को 18 हजार, 13 मार्च को 16 हजार, 14 को 17 हजार, 15 मार्च को लगभग 16 हजार और 16 मार्च को 17 हजार टिकटों की बिक्री हुई।