बैठक में बताया गया कि शहर की अधिकांश स्ट्रीट लाइटें ईईएसएल कंपनी की हैं, जिनके रखरखाव की अवधि दिसंबर में समाप्त हो चुकी है। फिलहाल नगर निगम अपने स्तर पर व्यवस्था संभाल रहा है। इस पर महापौर ने नई फर्म के चयन के लिए जल्द टेंडर प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए। साथ ही दो हजार स्ट्रीट लाइटों का स्टॉक रखने को कहा, ताकि खराब लाइटों को तुरंत बदला जा सके।
महापौर ने पार्षदों के कोटे से स्वीकृत स्ट्रीट लाइटों को एक सप्ताह के भीतर लगाने की समय-सीमा तय की। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने नगर निगम की आय बढ़ाने और खर्च कम करने के लिए नवाचार पर जोर दिया। उन्होंने प्रस्ताव रखा कि इस बार देव दीपावली पर किराए की झालरों के बजाय निगम स्वयं झालरें खरीदकर कुछ घाटों और कुंडों को सजाने का प्रयोग करेगा, जिससे भविष्य में खर्च कम होगा।
परिवहन विभाग की समीक्षा में महापौर ने निर्देश दिया कि अब निगम के वाहनों की मरम्मत वर्कशॉप में नहीं होगी, बल्कि अधिकृत सर्विस सेंटर से ही सर्विसिंग कराई जाएगी। साथ ही जोनल स्वच्छता अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहकर कहीं भी कूड़ा दिखने पर तत्काल सफाई कराने के निर्देश दिए गए। बैठक में अपर नगर आयुक्त, आलोक व परिवहन विभाग के अधिकारी तथा जोनल स्वच्छता अधिकारी मौजूद रहे।