बनारस के एक गांव में आखिरकार मां-बाप ने अपनी नाबालिग बेटी को बहू बना ही दिया। जिस बेटी को बाल कल्याण विभाग के लोगों ने नाबालिग बताते हुए उसकी शादी सोमवार की रात रोक दी थी, परिजनों ने उसकी धूमधाम से शादी की।
चोलापुर थाना क्षेत्र के परानापट्टी गांव में मंगलवार रात चंदौली से बारात रात 8:00 बजे पहुंची। ग्रामीण और रिश्तेदारों की मौजूदगी में धूमधाम से शादी संपन्न हुई।
बाल कल्याण की टीम ने मंगलवार को बेटी जिला अस्पताल कबीरचौरा में बेटी की उम्र को लेकर मेडिकल कराया। जहां पर डाक्टरों ने 18 वर्ष के लगभग का उम्र का प्रमाण पत्र दिया। वहीं बाल कल्याण विभाग ने इस शादी को नाबालिग करार देते हुए मंगलवार को भी रोकने का प्रयास किया।
बाल कल्याण अधिकारी निरूपमा सिह ने बताया कि जिस बेटी को बहू बनाया गया है वह नाबालिग है। शिक्षा सर्टिफिकेट में उम्र 16 साल है। मेडिकल की टीम ने उम्र लगभग 18 वर्ष बताया है। प्रमाण पत्र मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा न जारी कर किसी प्रभारी द्वारा जारी किया गया है जो गलत है।
वहीं परिजनों को शादी करने से मना किया गया है। स्थानीय पुलिस को भी इसकी जानकारी दी गई है। यदि शादी कराई गई तो मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई कराई जाएगी। वहीं बेटी के पिता ने कहा कि मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार लड़की बालिग है। जिससे शादी की गई है।