बुधवार देर शाम संगतराम का अंतिम संस्कार गांव में किया गया। उनके अन्य पुत्र सतीश और गुलाब ने ग्रामीणों की मौजूदगी में अंतिम संस्कार की रस्म पूरी की। गांव में घटना के बाद शोक का माहौल है और लोग परिवार को ढांढस बंधाने पहुंच रहे हैं।
उधर, जौनपुर के निजी अस्पताल में भर्ती सुभाष की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है। चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार जारी है। डॉक्टरों ने परिजनों को सलाह दी है कि फिलहाल उन्हें पिता के निधन की सूचना न दी जाए। चिकित्सकों का मानना है कि यह सदमा मिलने पर उन्हें दोबारा हार्ट अटैक आने का खतरा हो सकता है, जिससे उनकी जान को जोखिम हो सकता है। पूरे परिवार पर आई इस दोहरी त्रासदी से गांव के लोग भी स्तब्ध हैं।