हाईवे में जा रही जमीन के मुआवजे को लेकर पिता और पुत्र आमने-सामने आ गए हैं। पिता जहां जमीन का पैसा अपने एक पोते को देना चाहता है। वहीं उसके बेटे उसमें अपना हिस्सा मांग रहे हैं। मंगलवार को इसी बात को लेकर जमीन मालिक के दो बेटों और एक पोते ने आजमगढ़ भूमि अध्याप्ति कार्यालय के सामने आत्मदाह का प्रयास किया किंतु वहां मौजूद लोगों ने उन्हें पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया।
सिधारी थाना क्षेत्र बुदैठा गांव निवासी कोमल यादव की जमीन हाईवे में जा रही है जिसका उन्हें एक करोड़ 36 लाख रुपये का मुआवजा मिलना है। इसे लेकर कोमल की उसके पुत्रों से ठनी हुई है। कोमल यादव के तीन पुत्र स्व. रमाकांत, उमाकांत और शिवाकांत हैं।
रमाकांत की मौत के बाद उसके वारिस उसके दो पुत्र विजय शंकर और हरिशंकर हैं। पांच वर्ष पूर्व हरिशंकर अपने बाबा कोमल यादव को अपने साथ लेकर पानीपत चला गया। तीन वर्ष-़ पूर्व कोमल घर आए और सात-आठ बिस्वा जमीन बेंचकर वापस पोते हरिशंकर के पास पानीपत चले गए।
जो जमीन बची है उसमें से कुछ हाईवे में जा रही है जिसका एक करोड़ 36 लाख रुपये मुआवजा मिलना है। इस मुआवजे को लेकर पिता और दोनों पुत्रों में ठन गई है।
कोमल यादव सारा मुआवजा अपने पोते हरिशंकर को देना चाहते हैं। लेकिन उनके पुत्र उमाकांत और शिवाकांत के साथ ही पोता विजय शंकर भी इसमें अपना हिस्सा मांग रहे हैं।