वाराणसी। निर्यात मानकों पर खाद्य पदार्थों के पैकिंग के लिए किसान अब खुद का पैकेज हाउस तैयार कराकर आत्मनिर्भर बन सकेंगे। चार लाख रुपये की लागत से तैयार होने वाले पैकेज हाउस पर किसानों को दो लाख रुपये का अनुदान उद्यान विभाग की ओर से मिलेगा।
पिछले साल औद्यानिक मिशन योजना के तहत चिरईगांव ब्लाक के कुडकुडहा के अनिल कुमार सिंह ने पैकज हाउस के लिए आवेदन किया थ्रा। इसका निर्माण कार्य पूरा हो गया है। अनिल ने इस वर्ष खरबूज और स्ट्रोबेरी की पैकिंग कर बाजार में सप्लाई की। जिला उद्यान अधिकारी सुभाष कुमार ने बताया कि जिस तरह पूर्वांचल कृषि उत्पादों के निर्यात के क्षेत्र में हब बन कर उभरा है, इसे देखते हुए गुणवत्ता युक्त पैकेजिंग की मांग बढ़ गई है। करखियांव में सामूहिक रूप से बन रहे पैकज हाउस के अलावा अब जिले में खुद किसान भी अपना पैकेज हाउस बनवा सकते हैं। जहां फल और सब्जियों की शार्टिंग, ग्रेडिंग और पैकिंग कर अच्छी आमदनी कर आत्म निर्भर बन सकते हैं। इसकी लागत चार लाख रुपये है, जिसमें दो लाभ रुपये अनुदान मिलेगा। इस वर्ष अभी कोई लक्ष्य नहीं मिला है। अगले माह लक्ष्य मिलने के बाद किसान आवेदन कर योजना का लाभ ले सकते हैं।