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किसान न हों निराश, त्रुटियां दूर कर दिया जाएगा सम्मान निधि का लाभ

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गाजीपुर। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ पाने के लिए आवेदन करने वाले किसानों में 22 हजार किसान ऐसे हैं जिनके खाते में धनराशि नहीं आई है। इसकी वजह पोर्टल पर फीडिंग के दौरान आधार नंबर, नाम और बैंक खाता संख्या गलत या मिस मैच होना बताया जा रहा है। ऐसे किसानों के आधार नंबर, नाम और बैंक खाता संख्या में संशोधन के लिए कृषि विभाग के 142 कर्मचारी लगाए गए हैं जो गांव-गांव जाकर संशोधन कार्य करा रहे हैं ताकि किसानों को योजना का लाभ मिल सके। संशोधन कार्य में लगे कर्मचारियों को संबंधित किसानों की सूची मुहैया कराई गई है।
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प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ लेने के लिए जिले में छह लाख 32 हजार किसानों ने पंजीकरण कराया। इसमें चार लाख 28 हजार किसान ही पात्र मिले, जबकि एक लाख 48 हजार किसान अपात्र पाए गए। पात्र किसानों के खाते में धनराशि आई तो वे खुश हो गए लेकिन किसी के खाते में एक तो किसी के खाते में दो किस्त के बाद धनराशि जानी बंद हो गई है। कई पात्रों के खाते में एक भी किस्त की धनराशि नहीं आई है। ऐसे किसान विभाग का चक्कर लगा रहे हैं। उन्हें आधार कार्ड व खाता नंबर में नाम मिस मैच होने की बात बताई गई। कृषि विभाग ने ऐसे 40 हजार किसानों की सूची तैयार की है जिनके खाते में धनराशि नहीं गई है या जिनके खाते में दो बार धनराशि गई और बाद में धन जाना बंद हो गया। ब्लाकवार टीम लगाकर संशोधन किया गया। करीब 18,000 पात्रों की दस्तावेजों में संशोधन कर लिया गया है। शेष संशोधन की प्रक्रिया पूर्ण करने में विभाग की टीम जुटी है।
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पोर्टल पर फीडिंग के दौरान आधार कार्ड, नाम व खाता नंबर गलत होने की समस्या थी। इसके संशोधन के लिए टीम लगाकर 18,000 किसानों के दस्तावेजों में संशोधन कराया गया है। शेष पात्रों के संशोधन की प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही उसे भी दुरुस्त करा लिया जाएगा। - मृत्युंजय सिंह, जिला कृषि अधिकारी
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सरकारी बीज गोदाम बना कंट्रोल रूम
प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना से किसानों को लाभान्वित कराने के लिए कृषि विभाग ने सरकारी बीज गोदामों पर जहां कंट्रोल रूम स्थापित किया है। वहां एक कंप्यूटर आपरेटर की भी तैनाती की गई है, जिससे किसानों के आधार कार्ड व खाता नंबर ले जाने पर तत्काल फीडिंग कराई जा सके। जिला स्तरीय अधिकारी इसकी मानीटरिंग कर जिला प्रशासन और शासन को रिपोर्ट भेजे रहे हैं।
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