जिले के 129 गोशालाओं में पशुओं को पर्याप्त चारा मिल सकेगा। किसानों ने करीब तीन हजार क्विंटल भूसा दान में दिया है। वहीं, पशुपालन विभाग के कर्मचारियों ने एक दिन का वेतन दान कर दो हजार क्विंटल और भूसा खरीदने की तैयारी की है।
पशुपालन विभाग के अपर निदेशक डॉ. बीपी पाठक ने बताया कि जिले में कुल 129 गोशालाओं में मौजूद करीब 11 हजार 448 गोवशों के चारे के लिए किसानों से भूसा दान करने की अपील की गई थी। सैकड़ों किसानों से तीन हजार 341 क्विंटल भूसा दान किया है। जिसे चिरईगांव के मोकलपुर में और आराजीलाइन के प्रतापपुर में भंडारित करके रखा गया है। इसके अलावा विभाग के करीब 60 कर्मचारी और अधिकारियों ने एक दिन के वेतन से दो हजार क्विंटल और भूसा खरीद कर भंडारित किया है।
प्रति दिन चार से पांच किलो भूसा प्रति गोवंश की खपत
अपर निदेशक ने बताया कि जिले 129 गोशालाओं के प्रत्येक गो वंश पर चार से पांच किलो भूसा की खपत है। इस हिसाब से गोशालाओं में मौजूद 11 हजार 448 गो वशों के लिए प्रति दिन 45 हजार क्विंटल के करीब भूसे की जरूरत पड़ती है। जिसकी पूर्ति के लिए पहली बार किसानों से दान के लिए अपील की गई थी। इसके अलावा विभाग की ओर से एक दिन के वेतन साथ ही शासन की ओर प्राप्त धनराशि से भूसा खरीदा जाएगा।
समाजसेवियों ने बढ़ाया हाथ
किसान, विभागीय अधिकारियों के अलावा समाज सेवी संगठन भी इस मुहिम में सहयोग कर रहे हैं। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी आरके सिंह और उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी एके सिंह की मौजूदगी में शुक्रवार को पशु चारा के लिए समाज सेवी संदीप जायसवाल ने 21 हजार रुपये का दान दिया।
छुट्टा पशुओं के लिए मांगा भूसा
लोहता। काशी विद्यापीठ ब्लाक के अधिकारी और कर्मचारी निराश्रित गो आश्रय स्थल में रखे गए पशुओं के लिए किसानों से भूसा मांग रहे हैं। शुक्रवार को ब्लॉक के कई गांवों में जाकर भूसा इकट्ठा किया। काशी विद्यापीठ विकास खंड की खंड विकास अधिकारी रक्षिता सिंह ने बताया की गांवों में बने निराश्रित गो आश्रय स्थल में रह रही गायों और बछड़ों के खाने के लिए भूसे की व्यवस्था बडे़ किसानों से मांगकर करनी है। शुक्रवार को किसानों से मांग कर 23 कुंतल भूसा इकट्ठा किया गया।