यूपी में तेजी से बढ़ रहे आवारा पशुओं तथा नीलगायों के उत्पात से आजिज किसानों ने विरोध जताते हुए इस जिले में छुट्टा पशुओं को कलेक्ट्रट परिसर में लाकर छोड़ दिया। अचानक इतने पशुओं के आ जाने से कलेक्ट्रेट में अफरा तफरी मच गई।
मऊ के परदहा ब्लॉक क्षेत्र ताजोपुर और कटरा गांव के करीब 50 किसानों ने बुधवार की दोपहर 70 छुट्टा पशुओं को कलेक्ट्रेट कैंपस में छोड दिया। किसानों का कहना है कि तेजी से बढ़ रहे छुटटा पशुओं के उत्पात से खरीफ सहित अन्य फसलों पर संकट गहराने लगा है।
काफी संख्या में किसानों ने धान और अरहर की बुवाई कर दी है। ऐसे में पशुओं के झुंड खेतों में घ़ुसकर फसलों को बर्बाद कर रहे। किसानों का कहना था कि धान के फसल में खाद का छिड़काव भी कर दिया था, लेकिन रात में छुट्टा पशुओं का झुंड फसल को नष्ट कर दे रहे हैं।
कई बार अधिकारियों को शिकायती पत्र दिया गया लेकिन आश्वासन के सिवाय कुछ भी हासिल नहीं हो सका है। इसी से नाराज होकर यह फैसला लेना पड़ा, जिससे प्रशासन हमारी समस्या से अवगत हो सके। बता दें कि जिले में 2477 हजार हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि है।
जिले के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालकों द्वारा बछड़ों को छोड़ दिए जाने से छुट्टा पशुओं की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। झुंड में छुट्टा पशु गेहूं, सब्जी सहित अन्य फसलों के खेत में घुसकर फसलों को नष्ट दे रहे हैं। लेकिन पशुपालन और कृषि विभाग की तरफ से कोई कार्ययोजना नहीं बनाई जा सकी है। जिससे किसानों को हर साल आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।