मांग उठने के बाद जिलाधिकारी ने शव के साथ जम्मू से आए बीएसएफ के असिस्टेंट कमांडेंट मोहित कुमार से वार्ता की। मोहित कुमार ने बताया कि मामले में जम्मू में लोकल पुलिस व बीएसएफ ने अलग-अलग मुकदमा दर्ज किया है। अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं आई है। रिपोर्ट आने के बाद मौत का कारण स्पष्ट होगा। उनकी मौत से संधिधित सभी आंकड़े जुटाए जा रहे हैं, जैसे ही रिपोर्ट एकत्रित होने के बाद जांच पूरी होगी तो उन्हें शहीद का दर्जा देने पर विचार होगा।
हालांकि परिजन और मौके पर उपस्थित ग्रामीण उन्हें शहीद का दर्जा मिलने के बाद ही अंत्योष्टि करने के मांग पर अड़े हुए हैं। परिजनों की मांग के आगे प्रशासन भी बेबस नजर आ रहा है। जम्मू से आए अधिकारी मोहित कुमार ने मृत जवान के परिजनों की संतुष्टि के लिए दो बार बीएसएफ के आईजी से बात भी कराई। फोन पर उन्होंने मृत जवान के पुत्र विनोद से बात भी कराई, मगर शव पहुंचने के चार घंटे बीत जाने के बाद पंचायत जारी है। जनप्रतिनिधि और अधिकारी मामले को सुलझाने के प्रयास में जुटे हैं।