बलिया। कुटुंब प्रबोधन संघ के लिए कोई नया विषय नहीं है। संघ लंबे समय से परिवारों को मजबूत बनाने और पारिवारिक मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए काम कर रहा है। उपरोक्त बातें गंगा समग्र के राष्ट्रीय संगठन मंत्री रामाशीष ने आरएसएस के कुटुंब प्रबोधन गतिविधि की ओर से रामदहीनपुरम में रविवार शाम आयोजित कुटुंब संगम में कहीं।
मुख्य अतिथि रामाशीष, सह जिला संघचालक डॉ. विनोद सिंह, सह नगर संघचालक परमेश्वरनश्री व अध्यक्षता कर रहीं मंजू सर्राफ ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। रामाशीष ने कहा कि ये सिर्फ संघ का विषय नहीं है। ये पूरे समाज का विषय है। समाज में हर कोई चाहता है कि अपना परिवार अच्छा और संस्कारित हो। उन्होंने भारतीय संस्कृति सभ्यता एवं उस पर हो रहे कुठाराघात पर प्रकाश डाला। कहा कि संयुक्त परिवार टूट रहे हैं तथा एकाकी परिवारों की संख्या बढ़ रही है। इससे हम सभी लोगों को अपने जीवन में बहुत सी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
सहनशीलता व समझौता व्यक्ति के यह दो गुण हैं, जिसके कारण परिवार चलता है। हम अपनी दिनचर्या को ठीक करें और फिर परिवार की दिनचर्या को ठीक करेंगे ऐसा प्रयास ही उत्तम रहता है। सुखी होना चाहते हैं तो भारतीय प्राचीन परिवार व्यवस्था को देखना चाहिए। हिन्दू परिवार परंपरा संपूर्ण मानव जाति के लिए एक अनुपम देन है। विभिन्न आयु वर्ग के सदस्यों की भूमिका पर प्रकाश डाला। कहा कि घर को भक्तिमय बनाने के लिए, परिवार के सदस्य पूजा-पाठ, ध्यान और प्रार्थना में साथ मिलकर भाग ले सकते हैं।
सह प्रांत प्रचारक सुरजीत ने भी कुटुम्ब की महत्ता पर प्रकाश डाला। जेएनसीयू के कुलपति संजीत गुप्ता ने संस्कार केंद्र की बहनों को सम्मानित किया गया। अंत में भारत माता की सामूहिक आरती की गई और फूलों की होली खेली गई।संचालन जिला कार्यवाह अरुण मणि ने किया। विनय सिंह, सुरजीत, हरनाम, अम्बेश, देवेंद्र मोहन, अखिलेश्वर, शरवेंदु, गगन, अनिल सिंह, जितेंद्र मिश्र, गिरीश नारायण चतुर्वेदी, रामकृष्ण चतुर्वेदी, भारती सिंह थीं।