सरकारी नौकरी में अफसर दामाद पाने के लिए लोग लाखों-लाख खर्च करने को तैयार बैठे हैं। ऐसा ही कुछ हुआ उन चार युवतियों के परिजनों के साथ जिन्हें वाराणसी में पकड़े गए कामरान ने ठगा।
कामरान ने उनके परिवार वालों की अफसर दामाद पाने की लालसा का फायदा उठाया और उन्हें ठगता रहा। हाईस्कूल फेल कामरान के झांसे में आने वालों ने महज उसके बातचीत के अंदाज और हावभाव से ही उसे बैंक मैनेजर मान लिया। उसके घर या दफ्तर तक जाकर एक बार भी बगैर असलियत जाने लाखों रुपये गंवा बैठे।
इस नादानी के चलते एक-दो नहीं बल्कि उसने चार युवतियों और उनके परिवार वालों को ठगा। मंगलवार को गिरफ्त में आए कामरान ने महज आठ महीने में मजदूर से लखपति बनने का सफर तय किया। अंतत: उसकी सच्चाई सामने आई और उसे मंगलवार को जेल भेजा गया। भागलपुर निवासी बेरोजगार कामरान रजा करीब आठ माह पहले मई, 2017 में अपने ममेरे भाई के पास पुणे गया।
वहां उसने वेल्डिंग का काम सीखा और इसके बाद वापस पटना आ गया। पटना में उसने लार्सन एंड टूब्रो कंपनी में वेल्डिंग का काम मांगा लेकिन मिला नहीं। फिर वह आरा गया और वहां निर्माणाधीन अपार्टमेंट में काम मांगा।
इसी दौरान आरा रेलवे स्टेशन पर एक युवती से जान-पहचान हुई तो कामरान के बैंक मैनेजर बनने की कहानी शुरू हुई।आरा निवासी युवती से दोस्ती, फिर प्यार और दोनों की एक-दूसरे से शादी के वादे से कामरान को युवती के परिजनों ने दहेज के तौर पर 26 लाख रुपये दिए।
आरा निवासी युवती ने अपने साथ हुई धोखाधड़ी के मामले में कामरान के खिलाफ आरा में मुकदमा दर्ज कराया है। गोदौलिया क्षेत्र की एएनएम ने कामरान के शौक पूरे करने के लिए उस पर हजारों रुपये खर्च किए।
शिवपुर क्षेत्र की युवती भी उसे महंगे उपहार देती थी और चंदौली की युवती की मां पांच लाख देकर और पांच लाख रुपये देने की तैयारी में थी। सभी उसके बुने जाल में फंसते रहे लेकिन किसी ने भी उसकी असलियत जानने की कोशिश नहीं की।