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UP Crime: पुलिसकर्मियों को हड़काना पड़ा भारी, वाराणसी में पत्रकार बनकर जमाते थे धौंस; 9 आरोपी गिरफ्तार

Sat, 13 Apr 2024 07:26 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

वाराणसी में पुलिसकर्मियों को हड़काने व वाहन चालकों से वसूली करने वाले नौ फर्जी पत्रकारों को गिरफ्तार किया गया है।  पकड़े गए फर्जी पत्रकार पुलिस का लोकेशन चेक करने के साथ ही उन्हें बातों में उलझाकर वीडियो बनाते थे।  
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पकड़े गए फर्जी पत्रकार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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स्टिंग ऑपरेशन की धौंस देकर पुलिसकर्मियों और हाईवे पर वाहन चालकों से अवैध वसूली के आरोप में लंका थाने की पुलिस ने नौ फर्जी पत्रकारों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से एक कार, तीन वॉकी-टॉकी, मोबाइल सेल्फी स्टिक, 360 डिग्री कैमरा, दो डाटा केबल- 02 अदद, मानवाधिकार आयोग, ह्यूमन राइट व आगाज इंडिया के आठ फर्जी परिचय पत्र, 11 मोबाइल, 11 सिम और 600 रुपये बरामद हुए। आरोपियों को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया।

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यह है पूरा मामला

डीसीपी काशी जोन प्रमोद कुमार और डीसीपी अपराध चंद्रकांत मीणा ने बताया कि रात में पिकेट ड्यूटी और गश्त करने वाले लंका थाने के पुलिस कर्मियों ने बताया था कि कुछ लोग कार से आते हैं। वह खुद को पत्रकार बताते हैं। इसके बाद वह स्टिंग ऑपरेशन का भय दिखाकर और कार्रवाई के लिए डरा-धमका कर पैसा मांगते हैं। इसके अलावा डाफी बाईपास से गुजरने वाले वाहनों को रोककर भी अवैध वसूली करते हैं। लंका इंस्पेक्टर शिवाकांत मिश्रा के नेतृत्व में इंस्पेक्टर अपराध सुहैल अहमद, रमना चौकी प्रभारी अश्वनी राय और नगवा चौकी प्रभारी अजय कुमार की टीम गठित की गई।

पुलिस टीम ने रात में हाईवे में चेकिंग शुरू की तो कार सवार फर्जी पत्रकार मलहिया पुल के नीचे अवैध वसूली करते पकड़े गए। आरोपियों की पहचान न्यू कॉलोनी, ककरमत्ता का मृदुल कुमार तिवारी उर्फ आकाश, लहरतारा, नई बस्ती का लाल बाबू सोनकर, डीह बाबा मंदिर, लहरतारा, नई बस्ती का आकाश कुमार गौतम, गौरव कुमार भारती, प्रकाश शर्मा व सावन कुमार नायक व अनिल कश्यप और चंदुआ, छित्तूपुर का दिलीप कुमार व जितेंद्र सोनकर के रूप में हुई है।

वाहन सीज कराने की धमकी देकर वसूलते थे पैसे

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पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उनका एक संगठित गिरोह है। वे लोग हाईवे पर आने-जाने वाले वाहनों को रोककर ओवरलोडिंग की बात कहकर सीज कराने की धमकी देते थे। फिर पैसे वसूलते हैं। रास्ते में ड्यूटी पर नियुक्त पुलिस कर्मियों को वीडियो रिकॉर्डिंग करने और पत्रकार होने की कहकर डराते हैं। उन्हें स्टिंग ऑपरेशन की बात से डरा कर पैसा वसूलते थे।

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