खुद को आईपीएस बताने वाले युवक का थानाध्यक्ष से कहना था कि प्रकरण में मुकदमा न दर्ज किया जाए और समझौता करा दिया जाए। फोन पर बात न बनते देख कर खुद को आईपीएस बताने वाला युवक चोलापुर थाने पहुंच गया। हालांकि उसकी बातचीत की शैली से चोलापुर थानाध्यक्ष ने भांप लिया कि वह आईपीएस नहीं है।
थानाध्यक्ष ने युवक को पकड़ कर कड़ाई से पूछताछ की तो उसने स्वीकार किया कि वह आईपीएस नहीं है। इस संबंध में चोलापुर थानाध्यक्ष राजेश त्रिपाठी ने बताया कि युवक से पूछताछ कर पता लगाया जा रहा है कि फर्जी आईपीएस बनकर उसने कोई और अपराध तो नहीं किया है। पूछताछ की प्रक्रिया पूरी कर उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उचित कार्रवाई की जाएगी।