लंका पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर कोर्ट में पेश किया, भेजा जेल
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बीएचयू के सर सुंदर लाल अस्पताल के ब्लड बैंक में फर्जी डॉक्टर पकड़ा गया। गुरुवार देर रात एप्रेन पहने, गले में आला लटकाए पहुंचे इस जालसाज को उस वक्त पकड़ा गया जब वह रजिस्टर पर हस्ताक्षर कर रहा था।
वहां मौजूद कर्मचारियों ने इसकी सूचना तत्काल सुरक्षा गार्डों को दी जिसके बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस ने धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया।
फर्जी डॉक्टर और वह भी ब्लड बैंक में। ऐसे में तमाम सवाल और आशंकाएं अस्पताल कर्मियों के मन में उठती रहीं। उनका कहना था कि बाहरी आदमी फर्जी तरीके से डॉक्टर के वेश में अंदर जाकर किसी बड़ी घटना को अंजाम दे सकता था। देर रात ब्लड बैंक में जाने की उसकी कोशिश भी इस ओर इशारा करती है कि कहीं कोई साजिश तो नहीं।
गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज की घटना की जांच अभी चल ही रही है कि इस बीच बीएचयू अस्पताल स्थित ब्लड बैंक में फर्जी डॉक्टर के पकड़े जाने से हड़कंप मचा है।
गुरुवार रात करीब 10 बजे पैथालॉजी में फार्मासिस्ट, पैरामेडिकल स्टाफ ड्यूटी पर थे तभी एक डॉक्टर वहां पहुंचा और ड्यूटी रजिस्टर पर साइन करने लगा। यह देख वहां तैनात कर्मचारियों ने जब कारण पूछा तो वह कर्मचारियों से उलझ गया। शंका होने पर कर्मियों ने इसकी सूचना सुरक्षाकर्मियों को दी।
वे ब्लड बैंक पहुंचे और उसे पकड़ लिया गया। पूछताछ में उसने अपना नाम मुगलसराय पड़ाव निवासी मोहम्मद गोलू बताया। वहीं, शुक्रवार की शाम करीब पांच बजे लंका पुलिस उसे न्यायालय लेकर पहुंची तो पुलिस की ढिलाई पर जज नाराज हो गए।
उन्होंने पुलिस को काफी फटकार लगाई। बाद में न्यायालय के आदेश पर उसे जेल भेजा गया।