एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में चौक थाना के पठानी टोला निवासी संदीप शर्मा उर्फ मक्कू बेहद शातिर है।असली को नकली और नकली को असली बनाना उसके बाएं हाथ का खेल है।
एमसीए पास संदीप शर्मा उर्फ मक्कू ग्राफिक्स का भी काम जानता है। इसी कारण रेमडिसिविर इंजेक्शन, कोविड वैक्सीन एवं रैपिड कोविड टेस्ट किट का रैपर डिजाइन करता था। एसटीएफ की जांच में संदीप शर्मा की कूटरचित सिक्किम विश्वविद्यालय की मार्कशीट भी हाथ लगी है।
बरामद नकली कोरोना वैक्सीन
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देश के विभिन्न राज्यों में नकली दवा बेचने का काम दिल्ली निवासी लक्ष्य जावा, विजय कुमार, यश कुमार आदि का है। उसके साथ दिल्ली के ही रहने वाले अरूण शर्मा, अरूण पाटनी, मानसी, रणवीर, गुरजीत और गुरबाज आदि मिलकर देश के विभिन्न राज्यों में बेचते हैं। गिरफ्त में आए दिल्ली निवासी लक्ष्य जावा से पूछताछ में एसटीएफ को कई सुराग हाथ लगे हैं।
उसके आधार पर सात की पहचान हो चुकी है और अन्य तीन के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। एसटीएफ एडीजी अमिताभ यश ने बताया कि इस खेल में शामिल किसी को भी छोड़ा नहीं जाएगा। कुछ ऐसे इनपुट मिले हैं, जिससे गिरोह में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारियां होंगी।
नकली कोविशील्ड और कोविड टेस्टिंग किट
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लंका थाना के नरिया जैसे इलाके में इतने बड़े पैमाने पर नकली दवाओं को तैयार करने का धंधा चल रहा था और पिछले छह माह से लंका पुलिस, एलआईयू और औषधि विभाग को भनक तक नहीं लग सकी। लंका पुलिस यदि किरायेदारों के सत्यापन में तेजी लाती तो शायद छह माह पूर्व ही मामला पकड़ में आता। वहीं एलआईयू की सतर्कता पर भी सवाल खड़ा हो गया। वहीं औषधि विभाग की टीम जो गली-गली में खुले लैब और मेडिकल स्टोर पर पहुंचती है, वह भी अनजान बनी रही।
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रोहित नगर कॉलोनी में प्लाट नंबर 19 में गृह स्वामी रिटायर्ड शिक्षिका जटाधारी सिंह के बारे में पुलिस ने जानकारी दी कि यह मकान बीएचयू से रिटायर्ड कर्मी राजेंद्र सिंह का है, जो मिर्जापुर के जमालपुर हरिहरपुर के रहने वाले हैं। उनका पत्नी से अनबन हुआ और मामला न्यायालय तक चला। इस पर जटाधारी सिंह ने मकान को अपने नाम कराया और किराये पर देकर मायके चुरामनपुर में रह रही हैं।
पड़ोसियों के अनुसार मकान में सिर्फ किरायेदार रहते हैं। वह कभी कभार ही आती थी। बगल में रहने वाले पूर्व एडीएम को जब इसकी जानकारी मिली तो वह सन्न रह गए। पड़ोसियों के अनुसार मंगलवार शाम सात बजे दो-तीन गाड़ियों से आए एसटीएफ के लोग किराये पर रहने वाले युवकों को अपने साथ ले गए।
इसके बाद युवकों के साथ काम करने वाले और परिजन युवकों की गुमशुदगी दर्ज कराने लंका थाने पर बुधवार सुबह पहुंच गए। इस बीच सभी संकट मोचन पुलिस चौकी के उपनिरीक्षक अनिल राजपूत के साथ मौके पर पहुंचे। एसटीएफ टीम ने उपनिरीक्षक को कार्रवाई की जानकारी दी।