फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नकली कोविड वैक्सीन: बनारस से दिल्ली तक फैला गिरोह का जाल, सरगना सहित 10 आरोपियों की तलाश में यूपी एसटीएफ

Thu, 03 Feb 2022 02:16 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

वाराणसी में स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने कोविड की नकली टेस्टिंग किट और वैक्सीन बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया। गिरोह के पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। 
दिल्ली निवासी सरगना समेत अन्य आरोपियों की तलाश तेज हो गई है। 
विज्ञापन
एसटीएफ की गिरफ्त में आए पांच आरोपी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

वाराणसी में नकली कोविड किट और वैक्सीन बनाने वाले गिरोह से जुड़े अन्य लोगों के बारे में यूपी एसटीएफ की वाराणसी फील्ड यूनिट अधिक जानकारियां जुटा रही है। बनारस से दिल्ली तक 10 से अधिक आरोपी इसमें शामिल हैं। सात आरोपियों की पहचान हो चुकी है। गिरफ्तारी को लेकर एसटीएफ की टीमें दबिश दे रही हैं।

विज्ञापन


उधर, इस मामले में खुफिया एजेंसियां भी अब लग गई हैं। मुख्यालय स्तर से बार-बार इस केस के बारे में जानकारियां ली जा रही हैं।  बीएचयू के आसपास लंका स्थित मेडिकल स्टोर और सप्तसागर दवा मंडी मैदागिन में भी दवा व्यापारियों से एसटीएफ ने पूछताछ शुरू की है। क्योंकि इन मार्केट में ही दवाओं की बड़ी खेप खपाई जा चुकी है।

फोन पर कम, व्हाट्सएप कॉल के जरिये काम करता था गिरोह
अब तक की जांच में यह सामने आया है कि गिरोह फोन कॉल पर बहुत कम बात कर था। व्हाट्सएप कॉल के जरिये खरीद व बिक्री करने वालों के संपर्क में रहता था। गिरफ्तार पांच आरोपियों के कब्जे से मिले मोबाइल और लैपटॉप सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण की जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजा जाएगा।
विज्ञापन

पढ़ें: प्रेग्नेंसी टेस्ट किट का रैपर बदल बनाते थे रैपिड कोविड किट, गिरोह ऐसे चलाता था जानलेवा धंधा

एमसीए पास मक्कू करता था रैपर डिजाइन

एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में चौक थाना के पठानी टोला निवासी संदीप शर्मा उर्फ मक्कू बेहद शातिर है।असली को नकली और नकली को असली बनाना उसके बाएं हाथ का खेल है।
 
एमसीए पास संदीप शर्मा उर्फ मक्कू ग्राफिक्स का भी काम जानता है। इसी कारण रेमडिसिविर इंजेक्शन, कोविड वैक्सीन एवं रैपिड कोविड टेस्ट किट का रैपर डिजाइन करता था। एसटीएफ की जांच में संदीप शर्मा की कूटरचित सिक्किम विश्वविद्यालय की मार्कशीट भी हाथ लगी है।

एसटीएफ के हाथ लगे अहम सुराग

बरामद नकली कोरोना वैक्सीन - फोटो : अमर उजाला
देश के विभिन्न राज्यों में नकली दवा बेचने का काम दिल्ली निवासी लक्ष्य जावा, विजय कुमार, यश कुमार आदि का है। उसके साथ दिल्ली के ही रहने वाले अरूण शर्मा, अरूण पाटनी, मानसी, रणवीर, गुरजीत और गुरबाज आदि मिलकर देश के विभिन्न राज्यों में बेचते हैं।  गिरफ्त में आए  दिल्ली निवासी लक्ष्य जावा से पूछताछ में एसटीएफ को कई सुराग हाथ लगे हैं। 

उसके आधार पर सात की पहचान हो चुकी है और अन्य तीन के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। एसटीएफ एडीजी अमिताभ यश ने बताया कि इस खेल में शामिल किसी को भी छोड़ा नहीं जाएगा। कुछ ऐसे इनपुट मिले हैं, जिससे गिरोह में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारियां होंगी।

फेल साबित हुई लंका पुलिस, एलआईयू को भी नहीं लग सकी भनक

नकली कोविशील्ड और कोविड टेस्टिंग किट - फोटो : अमर उजाला
लंका थाना के नरिया जैसे इलाके में इतने बड़े पैमाने पर नकली दवाओं को तैयार करने का धंधा चल रहा था और पिछले छह माह से लंका पुलिस, एलआईयू और औषधि विभाग को भनक तक नहीं लग सकी। लंका पुलिस यदि किरायेदारों के सत्यापन में तेजी लाती तो शायद छह माह पूर्व ही मामला पकड़ में आता। वहीं एलआईयू की सतर्कता पर भी सवाल खड़ा हो गया। वहीं औषधि विभाग की टीम जो गली-गली में खुले लैब और मेडिकल स्टोर पर पहुंचती है, वह भी अनजान बनी रही। 
पढ़ेंः जौनपुर में पुलिस के हत्थे चढ़ा फर्जी आईएएस अधिकारी, खुद को एसीएस होम का बताता था रिश्तेदार, ऐसे खुली पोल
विज्ञापन

रोहित नगर कॉलोनी में प्लाट नंबर 19 में गृह स्वामी रिटायर्ड शिक्षिका जटाधारी सिंह के बारे में पुलिस ने जानकारी दी कि यह मकान बीएचयू से रिटायर्ड कर्मी  राजेंद्र सिंह का है, जो मिर्जापुर के जमालपुर हरिहरपुर के रहने वाले हैं। उनका पत्नी से अनबन हुआ और मामला न्यायालय तक चला। इस पर जटाधारी सिंह ने मकान को अपने नाम कराया और किराये पर देकर मायके चुरामनपुर में रह रही हैं।

पड़ोसियों के अनुसार मकान में सिर्फ किरायेदार रहते हैं। वह कभी कभार ही आती थी। बगल में रहने वाले पूर्व एडीएम को जब इसकी जानकारी मिली तो वह सन्न रह गए। पड़ोसियों के अनुसार मंगलवार शाम सात बजे दो-तीन गाड़ियों से आए एसटीएफ के लोग किराये पर रहने वाले युवकों को अपने साथ ले गए।

इसके बाद युवकों के साथ काम करने वाले और परिजन युवकों की गुमशुदगी दर्ज कराने लंका थाने पर बुधवार सुबह पहुंच गए। इस बीच सभी संकट मोचन पुलिस चौकी के उपनिरीक्षक अनिल राजपूत के साथ मौके पर पहुंचे। एसटीएफ टीम ने उपनिरीक्षक को कार्रवाई की जानकारी दी। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें