शहर में नकली सौंदर्य प्रसाधन बेचकर लोगों की त्वचा के साथ खिलवाड़ हो रहा है। नकली कॉस्मेटिक उत्पाद का मासिक कारोबार 80 लाख से ज्यादा का आंकड़ा पार कर गया है। प्रमुख बाजारों को छोड़ दे तो शहर के अन्य क्षेत्रों में 20 से 30 प्रतिशत व्यापारी ही रसीद के साथ असली सौंदर्य प्रसाधन की बिक्री कर रहे हैं। फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया व्यापार मंडल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष व वाराणसी महानगर उद्योग व्यापार समिति के अध्यक्ष प्रेम मिश्रा का कहना है कि कोविड की शुरुआत के बाद से ब्रांडेड कंपनी के उत्पाद बेचने वाले व्यापारियों की बिलिंग 50 प्रतिशत घटकर 50 लाख रह गई है। दूसरी लहर के बाद नवरात्र, दीपावली व लगन के दौरान कॉस्मेटिक्स कारोबार में जबरदस्त सेल बढ़ी थी, लेकिन तीसरे लहर में फिर से कारोबार में गिरावट आ गई है। सिगरा में शोरूम की संचालक हिमानी जायसवाल बताती हैं कि कॉस्मेटिक की सेल में गिरावट का बड़ा कारण शहर में डुप्लीकेट प्रोडक्ट की सप्लाई है। शहर में कॉस्मेटिक की 100 से ज्यादा दुकानें हैं।
ब्रांडेड के नाम पर नकली कॉस्मेटिक
चेहरे की सुंदरता बढ़ाने के नाम पर मोटी-मोटी रकम वसूलने वाले पार्लरों में भी नकली कॉस्मेटिक से काम चलाया जाता है। कुछ एक बड़े पार्लर को छोड़ दिया जाए तो ज्यादातर पार्लरों में ब्रांडेड के नाम पर नकली कॉस्मेटिक से ही ग्राहकों के फे शियल, क्लींजिंग, ब्लीच, पेडिक्योर, मेनिक्योर किए जा रह हैं।
चेतगंज में हुई थी कार्रवाई
विभिन्न कंपनियों के डुप्लीकेट माल को पकड़ने के लिए वाराणसी पुलिस द्वारा क ई बार कार्रवाई की गई है। सितंबर में चेतगंज, नई सड़क क्षेत्र में सौंदर्य प्रसाधन की दुकान चलाने वाले दुकानदारों के यहां छापा मारा गया था। दो लोगों की गिरफ्तारी भी हुई थी।
डुप्लीकेट कॉस्मेटिक प्रोडक्ट लगाने से त्वचा को काफी नुकसान होता है। रैशेज, खुजली, काली स्किन की समस्या होती है। वहीं, सावधानी से न प्रयोग करने पर आंखों से जुड़ी समस्या भी शुरू हो जाती है।
- डॉ. मुकुंद जी श्रीवास्तव, त्वचा रोग विशेषज्ञ, मंडलीय अस्पताल
नकली सामानों की शिकायत मिलने पर पुलिस द्वारा कार्रवाई की जाती है। नकली उत्पादों को जब्त कर आरोपियों पर केस भी दर्ज होते हैं।
सुभाष चंद दुबे, अपर पुलिस आयुक्त, मुख्यालय व अपराध